नए राशन कार्ड आचार संहिता के पेंच में फंस गए हैं। अभी तक उपभोक्ताओं को इन्हें बांटा नहीं गया है, जबकि इनके लिए राशन हर महीने वितरकों को आवंटित किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि, ये राशन किसको मिल रहा है।
वहीं राशन के लिए जरूरतमंद परेशान हैं। हालांकि जिम्मेदार कह रहे है उपभोक्ताओं को पर्ची पर राशन दिया जा रहा है।लाभार्थियों को आदर्श आचार संहिता के नाम पर ठगने का सिलसिला जारी है। जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते राशन कार्ड धारकों के हक पर राशन वितरक डाका डाल रहे हैं।
इससे पहले राशन कार्ड धारकों को पुराने राशन कार्ड के बदले ड्राफ्ट(पर्ची) जारी किया गया था। अस्थाई तौर पर (नए राशन कार्ड मिलने तक) इसी से उपभोक्ताओं को राशन मिलना था, मगर अब ड्राफ्ट के स्थान पर राशन कार्ड जारी हो गया है जो राशन वितरकों के पास पहुंच गए हैं। इधर, सत्यापन और वितरण के खेल के बीच आचार संहिता लागू हो गई।
राशन कार्ड पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का फोटो और संदेश होने के कारण इसके वितरण पर रोक लगा दी गई। राशन कार्ड राशन वितरकों के कब्जे में आने के बाद अब पर्ची पर राशन नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि, अब पर्ची पर ही राशन मिलेगा।
इस बीच राशन वितरकों को खाद्यान्न का आवंटन तो पूरा हुआ लेकिन वितरण के नाम पर मनमानी को खेल चल रहा है। अधिकतर राशन वितरक मनमर्जी से वितरण कर रहे हैं। लाभार्थियों के पास राशन कार्ड नहीं होने के कारण खाद्यान्न के लिए लाभार्थी तरस रहे हैं।