चंदौसी(संभल)। बदलती जीवनशैली और अनियमित खानपान के कारण हृदय रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हर दिन जिला अस्पताल में मरीज हृदय से जुड़ी समस्याओं के साथ पहुंचते हैं। लेकिन जिले में अब तक कार्डियोलॉजी अनुभाग का गठन नहीं हो सका है। न ही यहां विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और न ही आधुनिक जांच की सुविधा।वर्तमान में जिला अस्पताल में केवल ईसीजी जांच ही उपलब्ध है। इसके अलावा मरीजों को बड़ी जांच और ऑपरेशन के लिए बाहर रेफर कर दिया जाता है। कई बार समय पर इलाज न मिल पाने से हृदय रोगियों की जान भी चली जाती है। स्थिति यह है कि निजी अस्पतालों में भी केवल सामान्य जांच की सुविधा है। यहां तक कि रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल की जांच के अलावा कोई बड़ी सुविधा मौजूद नहीं है। हृदयाघात जैसी गंभीर स्थिति में मरीजों को अलीगढ़, मुरादाबाद या आगरा जैसे बड़े जनपदों का रुख करना पड़ता है।
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यह लक्षण दिखें तो बरतें सावधानी
सीने में जलन, भारीपन, थकान, सांस लेने में तकलीफ और अचानक कमजोरी महसूस होना हृदय रोग के प्रमुख लक्षण हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इन्हें नजर अंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
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दिल को स्वस्थ रखने के उपाय
प्रतिदिन सुबह व्यायाम करें, संतुलित आहार लें, जंक फूड और अधिक तेल युक्त भोजन से परहेज करें। धूम्रपान और शराब जैसी बुरी आदतों से बचें। नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
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कोरोना के बाद से हृदय रोगियों की बढ़ रही संख्या
चिकित्सकों की मानें तो कोरोना के बाद से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में हृदय रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बावजूद इसके डेढ़ दशक बीत जाने के बाद भी जिले में कार्डियोलॉजी अनुभाग का गठन न होना गंभीर चिंता का विषय है।
जिले में किसी भी सीएचसी या जिला अस्पताल में कोई कार्डियोलोजिस्ट नहीं है। कॉर्डियोलॉजी की सुविधाएं एमडी फिजीशियन के अंतर्गत आती हैं। कार्डियोलोजिस्ट की बात तब आती है जब एंजियोग्राफी व एंनियोप्लास्टी की जरूरत होती है। यह सुविधाएं नहीं हैं। अन्य सुविधाएं व दवाएं उपलब्ध हैं।
डॉ. विश्वास अग्रवाल, नोडल अधिकारी स्वास्थ्य विभाग