दो न्यायाधीशों की खंडपीठ ने कल्कि धाम के अधिवक्ताओं को इस प्रकरण में पहले हाईकोर्ट जाने की सलाह दी। अब श्री कल्कि पीठाधीश्वर की ओर से हाईकोर्ट जाने की तैयारी की जा रही है।
संभल जिले के ऐंचोड़ा कंबोह में श्री कल्कि मंदिर प्रस्तावित है।
मंदिर बनाए जाने के लिए 7 नवंबर को शिलान्यास होना था। शिलान्यास करने के लिए उत्तर प्रदेश सपा के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत तमाम सियासी हस्तियां एेंचोड़ा कंबोह पहुंची थीं लेकिन 6 नवंबर की शाम जिला प्रशासन ने बिना अनुमति के शिलान्यास करने के चलते कार्यक्रम पर रोक लगा दी थी। पाबंदी का नोटिस कल्कि पीठ को जारी किया गया था। जिला प्रशासन की नोटिस को लेकर आचार्य प्रमोद कृष्णम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। याचिका मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में दो न्यायाधीशों के समक्ष पेश की गई जिसमें न्यायाधीशों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट है। हाईकोर्ट में इस मसले को पहले पेश किया जाना चाहिए यदि वहां न्याय न मिले तो यहां आएं।
सुप्रीम कोर्ट की इस सलाह को कल्कि धाम के अधिवक्ताओं ने मान लिया। यह जानकारी देते हुए श्री कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि जल्दी ही हाईकोर्ट में रिट दाखिल की जाएगी।श्री कल्कि पीठ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने पक्ष रखा।