जब तक मलबे से सुमैय्या को निकाला गया तब तक उसकी मौत हो गई थी। बुधवार को परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पीड़ित मां नसीम ने बताया कि पड़ोस के नाते सुमैय्या की अनम से दोस्ती थी। शाम के समय अक्सर वह मिलने चली जाती थी। इसी तरह मंगलवार को गई थी लेकिन हादसे का शिकार हो गई। लोगों ने इस हादसे का जिम्मेदार साबिर को ही बताया और सिस्टम की लापरवाही मानी। कहा कि यदि समय रहते अवैध भंडारण पर कार्रवाई की गई होती तो यह हादसा नहीं होता। बेगुनाह लोगों की जान नहीं जाती।
ओम का शव नदी किनारे दफन किया गया
गुन्नौर। धमाके के दौरान जान गंवाने वाले जसवंत के छह महीने के बेटे ओम का शव बुधवार की दोपहर ढ़ाई बजे करीब पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा। परिजनों का रोरो कर बुरा हाल हो गया। इसके बाद वर्धनमान नदी किनारे परिजनों ने शव को दफन कर दिया। वहीं दूसरी ओर जसवंत की हालत गंभीर बनी हुई है। धमाके के दौरान मलबे की चपेट में आने से घायल हुए जसवंत को अपने बेटे की मौत का भी गहरा सदमा है। परिजन अलीगढ़ में उपचार करा रहे हैं।