संभल/बहजोई। जिले की तीन चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का 157 करोड़ रुपये बकाया है। भुगतान में देरी पर जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने शनिवार को चीनी मिलों और गन्ना विभाग के अधिकारियों के साथ बहजोई स्थित कलक्ट्रेट में बैठक की। बैठक में उन्होंने चीनी मिलों के अधिकारियों से कहा कि गन्ना क्रय करने के बाद 14 दिन की अवधि में भुगतान करें। किसी भी स्थिति में देरी न होने पाए। जिला गन्ना अधिकारी से कहा कि गन्ना क्रय अधिनियम का पालन कराएं और किसानों के भुगतान में देरी न होने पाए।
जिले में मझावली, असमोली और रजपुरा में चीनी मिल हैं।
इन तीनों चीनी मिलों को गन्ना क्रय करने के 14 दिन की अवधि में 409 करोड़ रुपये का भुगतान करना था लेकिन इसमें 252 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इसमें 157 करोड़ रुपये बकाया है। भुगतान के मामले में वीनस शुगर मिल मझावली की स्थिति सबसे खराब है। जिलाधिकारी की बैठक में वीनस शुगर मिल के अधिकारी वेदपाल चौहान और शाहिद खां थे। दोनों अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। जैसे-जैसे चीनी बिकेगी। गन्ने का भुगतान करेंगे। रजपुरा चीनी मिल के यूनिट हेड रणधीर सिंह, असमोली चीनी मिल से गन्ना प्रबंधक एसके त्यागी ने भाग लिया। जिले की सभी गन्ना समितियों के सचिवों और असमोली तथा रजपुरा के ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक भी बैठक में मौजूद रहे।
जिले की तीन चीनी मिलों पर 157 करोड़ रुपये बकाया है। इसके बाद भी संभल जनपद मंडल के जनपदों में भुगतान के मामले में सबसे आगे है। चीनी मिल के अधिकारियों से भुगतान के विषय में बात हुई है और अब तीनों चीनी मिल भुगतान को जल्द से जल्द करने के लिए सहमत है। स्थिति में सुधार आएगा।
कुलदीप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी, संभल
किसानों को 49.5 करोड़ रुपये के भुगतान सोमवार तक मिलने की उम्मीद
जिला गन्ना अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि सोमवार तक किसानों को तीनों चीनी मिलों से 49.50 करोड़ रुपये के भुगतान मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि असमोली चीनी मिल ने सोमवार तक 29 करोड़ रुपये, रजपुरा चीनी मिल ने 15 करोड़ रुपये और मझावली चीनी मिल ने 5.5 करोड़ रुपये के भुगतान करने का भरोसा दिया है। अगर तीनों चीनी मिलें भुगतान कर देती हैं तो किसानों के खाते में 49.50 करोड़ रुपये पहुंच जाएंगे।