संभल। चौधरी सराय में स्थित मदरसा अहले सुन्नत रजा ए मुस्तफा अजमल उलूम में रजा ए मुस्तफा कांफ्रेंस एवं जश्ने दस्तार हाफिज ए किराम का कार्यक्रम हुआ। इसमें कुरान-ए- पाक का हिफ्ज मुकम्मल करने वाले 10 बच्चों की दस्तारबंदी की गई। उलेमाओं ने बच्चों के उज्जवल भविष्य, दीनी व सामाजिक सेवाओं में आगे बढ़ने की दुआ की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मौलाना मुफ्ती जलीस अहमद ने कहा कि जीवन की कामयाबी नेक रास्ते पर चलने और बुराई से दूर रहने में है। बच्चों को दीनी और दुनियावी दोनों तालीम में उत्कृष्टता हासिल करनी चाहिए। हिफ्ज ए कुरान बड़ी नेमत है और मुस्लिम समाज की असली पहचान भी है। उन्होंने अभिभावकों और उस्तादों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे बच्चे पूरी कौम का सिर फख्र से ऊंचा करते हैं।
मौलाना तौसीफ रजा मिस्बाही बरकाती ने भी अल्लाह और उसके रसूल के बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत मौलाना कारी लईक की तिलावत ए कुरान से हुई। उत्तराखंड से आए कारी नावेद और मदीना मस्जिद के इमाम मौलाना जुनैद ने नात ए पाक पेश की। मोहम्मद तालिब मिस्बाही बरकाती ने भी विचार रखे। अंत में मुल्क और कौम की तरक्की, अमन और भाईचारे के लिए दुआ की गई। इस दौरान कारी अलाउद्दीन, हाजी मुख्तार, कारी दानिश आदि रहे।