मुरादाबाद। जिसे के कई राजकीय कॉलेजों में प्रयोगशाला का उपकरण और केमिकल खरीदने के लिए साइंस के विद्यार्थियों ने शुल्क तो जमा कर दी लेकिन अभी तक सामान नहीं खरीदा गया। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। हर एक छात्र-छात्राओं ने 15 से 25 रुपये तक शुल्क जमा किया है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद का नया सत्र शुरू हो चुका है। राजकीय कॉलेजों में कक्षाएं चलने लगी हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद के 470 कॉलेज में करीब 50 राजकीय कॉलेज हैं। कॉलेजों में हर एक विद्यार्थी से लैब में सामान खरीदने के लिए 15 से 25 रुपये तक शुल्क लिया जा चुका है। लेकिन अभी तक राजकीय इंटर कॉलेज मुरादाबाद, राजकीय उ. मा. कॉलेज खदाना समेत जिले के तमाम कॉलेज में प्रयोगशाला में प्रैक्टिकल का सामान नहीं खरीदा गया है। जबकि साइंस के छात्रों को पढ़ाई के साथ हर रोज प्रयोगशाला में प्रैक्टिकल कराना जरूरी होता है। साइंस के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रैक्टिकल बिना अधूरी होती है। वहीं, कुछ कॉलेजों में प्रैक्टिकल के सामान होने के बावजूद छात्र-छात्राओं की कक्षाएं तो चल रही हैं, लेकिन अभी तक अभ्यास के लिए उन्हें प्रयोगशाला में नहीं ले जाया जा रहा है चाहे वह रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान हो जीव विज्ञान हो। कॉलेज में बिना प्रैक्टिकल के छात्र-छात्राओं को शिक्षित किया जा रहा है।
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छात्र-छात्राओं ने जमा किया छह हजार रुपये
- राजकीय इंटर कॉलेज मुरादाबाद के प्रधानाचार्य ने बताया कि प्रयोगशाला में सामान खरीदने के लिए छात्र-छात्राओं का छह हजार शुल्क जमा हुआ है। प्रयोगशाला में कुछ जो भी सामान टूट चुके हैं या फिर जिस केमिकल की जरूरत होगी। उसे जल्द ही खरीदा जाएगा।
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प्रयोगशाला में सुविधाएं नहीं
-राजकीय हाईस्कूल उमरी में विद्यार्थी तो हैं लेकिन प्रयोगशाला में सामान उपकरण ही नहीं है। प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्यालय दो साल से संचालित किया जा है। प्रयोगशाला से संबंधित काम होना बाकी है। विद्यालय का काम चल रहा है। विद्यालय में करीब 100 विद्यार्थी पढ़ते हैं।
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प्रयोगशाला में सामान के लिए मिले 10 हजार रुपये
- राजकीय उ. मा. कॉलेज के प्रधानाचार्य ने बताया कि 10 हजार रुपये आ चुके हैं। अभी जुलाई में ही कॉलेज खुला है। छात्र-छात्राओं के प्रैक्टिकल के लिए सामान खरीदना है। जल्द ही प्रैक्टिकल का सामान खरीद लिया जाएगा।
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वर्जन
- जिन कॉलेजों में प्रयोगशाला के सामान नहीं खरीदे गए हैं, उनमें सामान खरीदने के लिए निर्देशित कर दिया जाएगा। - देवेंद्र कुमार पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक मुरादाबाद