यह दीगर बात है कि करीब अस्सी फीसदी अभिभावक महंगे कोर्स, ड्रेस, जूते आदि खरीद चुके हैं, अपने लाड़लों के भविष्य की खातिर निजी स्कूलों की मनमानी फीस भी भर दी है लेकिन अब युवा व्यापारियों ने भी इस मनमानी और प्रशासनिक चुप्पी के खिलाफ आरपार की लड़ाई छेड़ते हुए क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है।
अखिल भारतीय युवा उद्योग व्यापार मंडल के युवा व्यापारियों ने अनुज वार्ष्णेय (अन्नू) की अगुवाई में शनिवार से फव्वारा चौक पर क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। इसमें नगराध्यक्ष ने कहा अभिभावकों की जेबों पर डकैती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यदि प्रशासन नहीं जागा तो आमरण अनशन भी किया जाएगा। प्रशासन को एनसीईआरटी की पुस्तकें लगवानी होगी। स्कूलों से निजी प्रकाशकों को हटवाना ही होगा। क्रमिक अनशन हर्षवर्धन मोंटी, उमेश सक्सेना, नीले साहनी, अजय अग्रवाल, विपिन चौहान, दिलीप भगत, निखिल शर्मा, किशनपाल, सोमवीर, दीनू शर्मा, उमंग अग्रवाल, आकाश, शोभित, मुदित गर्ग, सुमंत गुप्ता, विष्णु शर्मा आदि रहे। अनशन को युवा जागरूक समिति, भारतीय अखंड मंच व मानव अधिकार न्याय, सुरक्षा प्रहरी ने अपना समर्थन दिया है।