असमोली/संभल। लोक निर्माण विभाग के विशेष सचिव व नोडल अधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने दूसरे दिन असमोली ब्लॉक क्षेत्र के कई गांवों में गहनता से निरीक्षण किया। इस दौरान सचिव के सामने आंकड़ों में हीरो और धरातल पर जीरो जैसी स्थिति मिली।
गांव मदाला फत्तेहपुर में नफीस की पत्नी खुद का कच्चा मकान बारिश में धराशायी होने के कारण गांव में ही दूसरे व्यक्ति के मकान में रहती मिली। पूछताछ में महिला ने बताया कि खुद का घर तो है ही नहीं, योजनाओं का भी लाभ नहीं मिला। घर में न बिजली कनेक्शन और पानी का। गैस तक का कनेक्शन नहीं मिला। इस पर विशेष सचिव ने कड़ी नाराजगी जताई और जिम्मेदारों को महिला को योजनाओं का लाभ दिलवाने के निर्देश दिए। इससे पहले सचिव परिषदीय विद्यालय में पहुंचे थे, जहां दिव्यांग शौचालय की रेलिंग चिकनी मिली। इस पर भी प्रधान को फटकार लगाई। रसोइया से खाने में उपयोग में लाए गए धनिया काटने को लेकर पूछताछ की। धोने के बाद ही धनिया काटने को कहा। पंचायत सचिवालय में भी व्यवस्थाएं मुकम्मल नहीं मिली। किसी भी तरह की कार्रवाई का कोई रजिस्टर व्यवस्थित नहीं मिला। विशेष सचिव का पारा उस समय चढ़ गया, तब वे मदाला के बाद सैंधरी गांव में पहुंचे थे। यहां आरोग्य मंदिर के लिए सड़क ही नहीं मिली। इस पर जिम्मेदारों को जमकर फटकार लगाई और तत्काल सड़क डलवाने के निर्देश दिए। शाहबाजपुर कला में दिव्यांग शौचालय की हालत खराब मिली। सामुदायिक शौचालय में भी पानी बिखरा पड़ा था। व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।
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सभी पंचायत सचिवालयों में दुरुस्त हों व्यवस्थाएं-विशेष सचिव
संभल। यूं तो जिले में लाखों रुपये से हर ग्राम पंचायत में मिनी सचिवालय बनाए गए लेकिन यह कितने उपयोगी हो रहे हैं, इसकी बानगी समय-समय पर उजागर होती रहती है। विशेष सचिव के निरीक्षण में भी कमियां मिलीं। गांव असमोली के बाद मदाला, सैंधरी और शाहबाजपुर के पंचायत सचिवालय में एक सी स्थिति रही। कौन सा अभिलेख किसने बनवाया और किसको दिया, क्या अभिलेख था, गलत तो नहीं बना, विशेष सचिव को इस तरह के सवालों के जवाब कहीं नहीं मिले। उन्होंने सभी पंचायत सचिवालयों पर नियमित रूप से रजिस्टर बनाकर रखने के निर्देश दिए हैं। ताकि चीजें समझ आती रहीं। संवाद