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सपा-एआईएमआईएम नेताओं से पुलिस की खींचतान

Thu, 26 Jan 2017 01:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
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elections - फोटो : DEMO PIC
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सपा के जिला महासचिव हरवीर यादव को पुलिसकर्मियों ने धकिया दिया। वहीं ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल के जिलाध्यक्ष शहजाद खां के साथ अभद्रता की गई। 
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सपा-कांग्रेस गठबंधन की उम्मीदवार विमलेश कुमारी नामांकन के लिए पहुंचीं। उनके साथ सपा के महासचिव हरवीर यादव भी थे जो नामांकन के लिए संग में अंदर जाना चाहते थे लेकिन पुलिसकर्मियो ने उन्हें कलक्ट्रेट के बैरियर पर रोका न मानने पर खदेड़ा और धक्का दिया।

 इसी तरह से जब जियाउर्रहमान बर्क का नामांकन कराने के लिए  एआईएमआईएम के जिलाध्यक्ष शहजाद खां उनके  संग अंदर जा रहे थे तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया और अभद्रता भरा व्यवहार किया। जियाउर्रहमान बर्क को प्रस्तावकों और समर्थकों को गेट पर रोकने का पुलिस ने प्रयास किया। लेकिन जब बर्क समर्थक आक्रोशित हुए तो उन्हें अंदर जाने दिया गया। इससे पहले कैबिनेट मंत्री नवाब इकबाल महमूद के प्रस्तावकों को भी रोका गया।
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प्रशासन बुधवार को नामांकन के दौरान पूरी सख्ती के तेवर में था।  नवाब इकवाल महमूद के नामांकन संबंधी कागजों को पूरा कराने के लिए उनके अधिवक्ता और प्रस्तावक पहले ही पहुंच गए थे और वह अंदर जाना चाहते थे लेकिन पुलिसकर्मियों ने कह दिया कि जब तक प्रत्याशी नहीं आएंगे तब तक अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। उन्हें बाहर ही रुकना पड़ा। 
 
हो सकता था टकराव
संभल/बहजोई। टकराव के हालत उस वक्त भी बने जब विधायक पिंकी यादव का काफिला  नामांकन के बाद अपने गांव फरीदपुर खुशहाल के लिए जा रहा था और पूर्व मंत्री अकीलुर्रहमान  खां का काफिला नामांकन के लिए कलक्ट्रेट आ रहा था। दोनों काफिले आपस में  टकरा सकते थे लेकिन इससे पहले पुलिस मौके पर पहुंच गई। पहले पिंकी यादव के  काफिले को रवाना किया गया। फिर बसपा उम्मीदवार अकीलुर्रहमान खां को  कलक्ट्रेट के लिए रास्ता दिया गया। 

महिला नेताओं को भी पुलिस ने रोका
संभल। सपा की महिला नेता रेनू कुमारी और संगीता यादव कांग्रेस सपा गठबंधन की उम्मीदवार विमलेश कुमारी के साथ आईं थीं। दोनों महिला नेता बैरीकेडिंग पार करके तो किसी तरह से अंदर चली गईं लेकिन बाद में उन्हें भी बाहर किया गया।

धारा 144 लागू होने के बाद भी हुई नारेबाजी 
बहजोई/संभल। धारा 144 लागू होने के बाद भी लंबे काफिले निकले। उम्मीदवारों के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की और आतिशबाजी की। कोई न रोकने वाला था न कोई टोकने वाला।  नामांकन के बहाने अधिकतर प्रत्याशियों ने शक्ति प्रदर्शन किया। 

नामांकन में उमड़ी भीड़ से संभल-बहजोई मार्ग जाम
नामांकन के दौरान भीड़ उमड़ने से आचार संहिता की जमकर धज्जियां उड़ीं। प्रत्याशियों के भारी भीड़ के साथ नामांकन करने पहुंचने के कारण संभल-बहजोई मार्ग पर दो बार जाम लगा। एक बार आधा घंटा और दूसरी बार पंद्रह मिनट तक जाम लगा। रोडवेज की बसों समेत तमाम वाहन फंसे रहे।
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नामांकन के दौरान जाम न लगे, इसे लेकर प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया था। यातायात पुलिस भी थी। कलक्ट्रेट के मुख्य गेट के स्थान पर अबकी बार बड़ा फील्ड स्थित पीछे वाले गेट से प्रत्याशियों को एंट्री दी गई लेकिन इसके बाद भी उस वक्त हालात बिगड़ गए जब दिग्गज प्रत्याशी बड़े काफिलों के साथ नामांकन करने पहुंचे। समर्थकों की भीड़ और वाहनों की बड़ी संख्या सड़क पर होने की वजह से जाम लगा। जाम हटवाने के लिए खुद एसपी को सक्रियता दिखानी पड़ी। 
यदि पुलिस और प्रशासन सतर्क नहीं होता तो दिग्गजों के समर्थकों के बीच टकराव भी हो सकता था।
 
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