संभल। पवांसा-आटा मार्ग पर सोत नदी उफाने के बाद सड़क पर आए पानी का बहाव सोमवार को और तेज हो गया। बहाव इतना तेज है कि बाइक और पैदल तो निकलना तो मुश्किल हो गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली भी लोग चला पा रहे हैं जिन्हें रास्ते का खासा अंदाजा है। हालांकि वह भी जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं और करा रहे हैं।
संभल जिले में पुनर्जीवित की गई सोत नदी अमरोहा जिले की सीमा से लेकर बदायूं जिले की सीमा तक बहती है। करीब 112 किलोमीटर लंबी नदी है। सूख चुकी नदी को पुनर्जीवित करने की सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं। लेकिन इस नदी के बहाव के लिए सही रास्ते नहीं बनाए गए। इससे लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। लोकनिर्माण विभाग ने पवांसा-आटा मार्ग के निर्माण के दौरान सिहोरी गांव के पास पुलिया का निर्माण नहीं किया। जिससे नदी का पानी गांव की मुख्य सड़क पर बह रहा है। जिससे आवागमन बाधित हो गया है। पानी का बहार सोमवार को इतना तेज था कि बाइक सवार और पैदल निकलना मुश्किल हो गया। जरूरतमंद लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से रास्ता पार कर रहे हैं। अब दिक्कत सामने आई तो कार्ययोजना बनाई जा रही है। गांव सिहोरी की ग्राम प्रधान जावित्री देवी का कहना है कि पुलिया बनाई होती तो राहगीरों को दिक्कत नहीं होती और किसानों की फसल भी नष्ट नहीं होती। पुलिया नहीं होने के चलते पानी सड़क पर बह रहा है और वह पानी किसानों के खेतों में जा रहा है। पवांसा-आटा मार्ग भी बाधित हो गया है। कई गांवों के लोगों के सामने दिक्कत है।
कोटमेरी दस बीघा जमीन सोत नदी के किनारे है। धान की फसल लागई थी वह पानी में बह गई। नदी के पानी की निकासी नहीं होने से यह नुकसान हुआ है। अब धान की रोपाई तब की जाएगी जब पानी कम हो जाएगा। -नीरज शर्मा, किसान गांव सिहोरी।
सड़क पर सोत नदी का बहाव इतना तेज है कि बाइक निकल नहीं सकती। यदि प्रयास किया तो वह नदी में अनियंत्रित होकर गिर जाएगी। इसलिए ट्रैक्टर-ट्रॉली में बाइक रखकर नदी का बहाव पार कर रहे हैं। हमारा हर दिन इस मार्ग से गुजरना है। -विवेक सैनी, गांव नगला खाकम
चंदौसी जाने के लिए सीधा रास्ता है। यह सोत नदी के बहाव से बंद हो गया है। अब बहजेाई होकर चंदौसी जाना पड़ रहा है। इसमें समय ज्यादा लग रहा है और दूरी भी बढ़ गई है। इस रास्ते से पैदल निकलना भी मुश्किल है। -ज्ञानचरन, अधिवक्ता, गांव अजीमाबाद
सोत नदी के बहाव से धान की पौध भी नष्ट हो गई है। धान की रोपाई भी तब होगी जब पानी कम हो जाएगा। इस सोत नदी से फसल में मदद की उम्मीद थी लेकिन पानी की निकासी बेहतर नहीं होने के चलते यह किसानों के लिए चिंता का कारण बन गई है। -सुखपाल सिंह, किसान गांव अहमदनगर थरैसा
सिहोरी के नजदीक सोत नदी के लिए पुलिया बनाई जाएगी। इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। इसके बाद पुलिया बनाने का काम शुरू होगा। अभी तक सोत नदी के लिए रपटा बना हुआ है। पानी ज्यादा होने पर सड़क पर पानी बहता है। -सुनील प्रकाश, एक्सईएन, लोकनिर्माण विभाग, संभल।