संभल। रजपुरा थाने के कोरोना संक्रमित दरोगा की पत्नी और बेटे में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। दोनों को कोविड19 अस्पताल भर्ती कराया गया है, लेकिन दरोगा के संपर्क में रहे पुलिस कर्मियों की जांच अब तक नहीं हो सकी है। स्वास्थ्य विभाग क आला अधिकारी तत्काल जांच कराने का आदेश होने की जानकारी दे रहे हैं जबकि जिम्मेदार चिकित्सक टाल मटोल करने में लगे हुए हैं। अब सवाल उठता है कि क्या सीएचसी पर तैनात चिकित्सक अपनी मनमानी से काम कर रहे हैं या कोई दबाव है। बुधवार को रजपुरा थाने में तैनात दरोगा में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी।
दरोगा काफी समय से बीमार चल रहे थे। उनकी कोरोना जांच हुई तो संक्रमण की पुष्टि हो गई। इसके बाद परिवार के सदस्यों की जांच कराई। जिसमें शनिवार को दरोगा की पत्नी और बेटे में संक्रमण पाया गया। अब स्वास्थ्य विभाग की टीम इन लोगों के संपर्क में रहे लोगों की पड़ताल करने की बात कह रही है। वहीं दूसरी ओर दरोगा के संपर्क में रहे पुलिस कर्मियों की चार दिन बाद भी जांच नहीं हुई। इससे पुलिस कर्मियों के लिए खतरा बढ़ा हुआ है। सूत्रों के अनुसार जिस दिन कोरोना संक्रमण की दरोगा में पुष्टि हुई थी उस दिन भी वह थाने पहुंचे थे और एक हल्के पर ड्यूटी लगातार कर रहे थे।
अब सवाल उठता है कि दरोगा के संपर्क में रहे पुलिस कर्मियों की जांच क्यों नहीं कराई जा रही। शुक्रवार को रजपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी ने कहा था कि दरोगा के परिवार में कोई संक्रमित मिलता है कि तो संपर्क में रहे पुलिस कर्मियों की भी जांच कराई जाएगी। अब दरोगा के परिवार से दो लोग संक्रमित मिल गए इसके बाद भी पुलिस कर्मियों की जांच नहीं हुई। इससे संक्रमण फैलने का खतरा पैदा हो रहा है। जबकि बड़े अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि संक्रमित के संपर्क में रहने वाले सभी लोगों की तत्काल जांच कराई जाती है। दरोगा के संक्रमित मिलने के बाद भी परिवार और थाने में तैनात पुलिस कर्मियों की जांच के लिए कहा था।
सबसे पहले संक्रमित मरीज के नजदीकी संपर्क वाले लोगों की जांच कराई जाती है। दरोगा के संपर्क में उनके परिवार और उनके साथी पुलिस कर्मी ही हैं। इसके अलावा भी अन्य लोग संपर्क में रहे होंगे। दरोगा के संक्रमित मिलने के बाद थाने के पुलिस कर्मी व परिवार को क्वारंटीन कर जांच कराने के लिए कहा गया था। थाने को जांच रिपोर्ट आने तक बंद रखना था और सैनिटाइजेशन किया जाना था, लेकिन ऐसा क्यों नहीं किया इसकी जानकारी रजपुरा सीएचसी प्रभारी से करते हैं।
डा. अमिता सिंह, सीएमओ, संभल।