केस एक
पुलिस परामर्श में एक दंपती का मामला जमीन को लेकर पहुंचा। पति-पत्नी में इस बात पर तकरार हो गई कि महिला अपने पति की करीब पांच बीघा जमीन को अपने नाम कराना चाहती थी। काउंसलर ने महिला को समझाया कि जमीन पति की पैतृक है और वह क्यों नाम कराए। पति की जमीन पर पत्नी का पूरा हक है। पत्नी की मांग को गलत बताया तो वह अपने पति के साथ जाने को तैयार हो गई।
केस दो
बेसिक शिक्षा विभाग की शिक्षिका के पति से इस बात पर विवाद था कि पति नौकरी को छोड़ने की मांग कर रहा था। पति का कहना था कि पत्नी उसको समय नहीं दे पातीं। पति ने काउंसलर को बताया कि वह गाजियाबाद में बैंक कर्मी हैं। पत्नी चंदौसी में रहती हैं। समय नहीं मिल पाता। इसलिए नौकरी छोड़कर वह उनके साथ गाजियाबाद में रहें। पत्नी इस बात पर तैयार नहीं थी। इसलिए विवाद था। काउंसलर के समझाने के बाद इस बात पर सहमति बनी कि छुट्टी के दिन पत्नी अपने पति के पास जाएंगी। इस दौरान दोनों पति-पत्नी अपने तबादले एक दूसरे के शहर में कराने का प्रयास करेंगे। इसके बाद दंपती में समझौता हो गया।
केस तीन
पत्नी मोबाइल पर बातचीत करती है इसलिए पति खफा हो गया। यह विवाद इतना बढ़ा कि मामला महिला थाने पहुंचा। जहां पति ने कहा कि उसकी पत्नी फोन पर बातचीत ज्यादा करती है। पत्नी ने कहा कि उसका पति उसके चरित्र पर शक करता है। काउंसलिंग के बाद तय हुआ कि पत्नी फोन पर बात नहीं करेगी। इस पर पति पत्नी को लेकर जाने को राजी हो गया।