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Sambhal News: मरम्मत तो कभी अतिक्रमण के नाम पर खोल दिए नाले, बने जानलेवा

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चंदौसी के एनकेबीएमजी पीजी कॉलेज के बाहर नाले की सफाई करती जेसीबी - संवाद
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चंदौसी(संभल)। कभी मरम्मत तो कभी अतिक्रमण हटाने के नाम पर नालों को खोला गया, लेकिन बाद में नालों पर स्लैब नहीं डाला। तो कहीं नालों के किनारे बाउंड्रीवॉल नहीं बनाई गई। ऐसे ही खुले और बाउंड्रीवॉल रहित नाले सोमवार को एक सिपाही और मासूम के लिए जानलेवा साबित हुए। चंदौसी में सिपाही तो संभल में एक मासूम की बारिश के दौरान नाले में डूबकर मौत हो गई थी।बता दें कि शहर के अधिकांश नालों की समय से सफाई भी नहीं होती। अधिकांश नाले चोक रहते हैं। जिससे बारिश के दिनों में एक घंटे की तेज बारिश होने पर शहर की सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। वही नालों की नियमित रूप से सफाई होने और जलभराव से शहरवासियों को निजात दिलाने के लिए अप्रैल माह में तत्कालीन एसडीएम विनय कुमार मिश्रा के अगुवाई में नालों से स्थायी अतिक्रमण हटाया गया था। इससे सीकरी गेट रामकृष्ण धर्मशाला रोड पर वाल्मीकि समाज के लोगों के घरों के आगे से होकर जा रहा नाला समेत कई नाले भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। चार माह बीत गए। अभी तक नालों को दुरुस्त नहीं किया गया। कई जगह नाला खुला पड़ा है।
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घटलेश्वर गेट का नाला भी काफी गहरा और चौड़ा है। नाले बस्ती के बीच से होकर जा रहा है। इससे वहां नाले के दोनों ओर बाउंड्रीवाल होनी चाहिए। यहां नाले किनारे बच्चे खेलते हुए देखे जा सकते हैं। इतना ही नहीं नगर पालिका कार्यालय के पीछे कंपनी बाग से होकर जा रहा नाला भी बारिश के दिनों में उफन जाता है। इससे नाला नजर नहीं आता। ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है। वहीं अधिकांश नालों पर बनी पुलिया पर साइडों में बाउंड्रीवाल नहीं बनी है। ऐसे में पैदल व वाहन सवारों के नाले में गिरने का खतरा बना रहता है।
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एसडीएम ने पालिकाध्यक्ष संग नगर भ्रमण कर लिया नालों का जायजा
चंदौसी। सिपाही रजनीश की नाले में डूब कर मौत होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। मंगलवार को एसडीएम आशुतोष तिवारी और पालिकाध्यक्ष लता वार्ष्णेय ने संयुक्त रूप से शहर में पैदल भ्रमण कर नालों का निरीक्षण किया। नालों की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। सफाई व्यवस्था भी देखी। इस दौरान खामियां ही खामियां पाई गईं। एसडीएम ने पालिका अधिकारियों को एक माह के अंदर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
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एसडीएम सबसे पहले टीम के साथ मौलागढ़ पुलिया पर पहुंचे और गोशाला रोड, जिला न्यायालय संभल गेट, कंपनी बाग, सीकरी गेट, मेला ग्राउंड से होकर जा रहे नाले का जायजा लिया। कहीं भी नालों के साइडों में बाउंड्रीवाल नहीं बनी दिखी। वहीं कंपनी बाग के नाले से सट कर पतली सड़क जाती है। जहां स्कूली बच्चों समेत लोगों की आवाजाही बनी रहती है। कंपनी बाग में बच्चे दिन भर खेलते दिखते हैं। शहर के अधिकांश नाले बस्ती के बीच से होकर ही निकल रहे हैं। एसडीएम ने नालों को बाउंड्रीवाल से सुरक्षित करने के निर्देश दिए। एक माह में नालों को दुरुस्त करने को कहा। इस दौरान नायब तहसीलदार रजत कुमार, ईओ धर्मराज राम समेत पालिका स्टाफ और समाजसेविका संगीता भार्गव मौजूद रहीं। संवाद

मेला ग्राउंड के नाले पर लगी दुकानों को हटवाने के आदेश
नालों के निरीक्षण के दौरान जब एसडीएम मेला ग्राउंड की ओर नाले का निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां नाले से सटकर बांस बल्ली लगा कर दुकानें लगी हुई थीं। वहीं पुलिया के पास बच्चों का झूला लगा हुआ था। झूले पर बच्चे मस्ती कर रहे थे। वहीं झूले के पास कूड़े का ढेर और जानवर घूम रहे थे। इस पर एसडीएम ने नाराजगी जताते हुए मेला कमेटी को नाले पर लगाई गई दुकानें हटवाने और पुलिया के पास सफाई कराने के निर्देश दिए।

कूड़े के ढेर न उठने पर एसडीएम ने लगाई फटकार
नालों के निरीक्षण के दौरान सुबह साढ़े 11 बजे एसडीएम को घटलेश्वर गेट, संभल गेट, मोहल्ला कुरैशियान आदि स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे मिले। जिससे एसडीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए पालिका अधिकारियों को फटकार लगाई। कहा कि समय से कूड़ा उठाया जाए।

नाले में मिला नवजात शिशु का शव
नालों के निरीक्षण के दौरान कैथल गेट पुलिया पर नाले में पॉलीथिन में एक नवजात शिशु का शव पड़ा नजर आया। एसडीएम की नजर पड़ी तो उन्होंने पालिका कर्मचारियों को शिशु को नाले से निकलवाया। साथ ही आसपास के अस्पताल पहुंच कर पूछताछ भी की।

नाला और पुलिया निर्माण करने वाले अज्ञात के खिलाफ केस
चंदौसी। बारिश के दौरान जलभराव के चलते नाले में डूब कर सिपाही रजनीश की मौत के मामले में पुलिस ने सड़क, नाला और पुलिया निर्माण करने वाले तीन अज्ञात लोगोंं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि सोमवार की सुबह बारिश के दौरान शहर में हुए जलभराव के चलते गणेश मेले में बाइक से ड्यूटी पर जा रहे सिपाही निवासी गांव पुरैनी थाना नगीना जिला बिजनौर की पैर फिसलने से नाले में गिर कर मौत हो गई थी। नाले की पुलिया पर कोई बाउंड्रीवाल भी नहीं थी। जिससे पुलिया पर बारिश का पानी नाले के पानी के लेवल में आने से सिपाही को नाला नजर नहीं आया। इस मामले में कोतवाली में उप निरीक्षक लाल सिंह राणा की ओर से नाला निर्माण करने वाले, सड़क निर्माण करने वाले और पुलिया निर्माण करने वाले के अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। संवाद
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