चंदौसी (संभल)। मौसम में बदलाव के साथ ही वायरल बुखार के साथ ही डेंगू, मलेरिया और टाइफायड जैसी बीमारियां पैर पसारने लगी हैं। सीएचसी में अब तक तीन मरीजों में डेंगू और आठ मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हो चुकी है। चिकित्सक तीन दिन बुखार आने पर खून की जांच कराने के अलावा सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
सीएचसी में हर रोज 900 से 1100 के बीच मरीज अपना उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें 200 से 250 के बीच मरीज वायरल बुखार, खांसी, जुकाम व बदन दर्द के पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार वायरल बुखार के ज्यादातर मरीज सामान्य बुखार समझकर एंटीबायोटिक दवा ले रहे हैं, लेकिन उनकी जांच कराने में किसी- किसी मरीजों में टाइफाइड व डेंगू की पुष्टि हो रही है।
सीएचसी के सीएमएस डॉ. हरविंदर सिंह ने बताया कि तीन दिन से ज्यादा बुखार न उतरने वाले मरीजों की खून की जांच कराई जा रही है। सितंबर माह में ही डेंगू के करीब तीन और मलेरिया के लगभग आठ मरीज निकले हैं। सीएमएस ने बताया कि अगर किसी को तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, आंखों में दर्द और त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ रहे हैं, तो यह डेंगू के लक्षण हो सकते हैं। साथ ही, लंबे समय तक हल्का या तेज बुखार, शरीर में कमजोरी, पेट दर्द, भूख न लगना टाइफाइड के लक्षण हैं। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें, समय पर जांच जरूर कराएं।
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ऐसे करें बचाव
- शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
- रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- कूलर, गमले के अलावा घर में पानी को जमा न होने दें।
- डेंगू व टाइफाइड के लक्षण होने पर जांच जरूर करवाएं।
- मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर न सेवन करे, चिकित्सक से ही संपर्क करें।