चंदौसी(संभल)। गुन्नौर क्षेत्र के गांव सैमला गुन्नौर में भूमि विवाद में समझौता कराने आए रिश्तेदार की नौ जून 2017 में दूसरे पक्ष के लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने की। दोष सिद्ध होने पर हत्यारोपी छह लोगों को आजीवन कारावास व 42-42 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राहुल दीक्षित ने बताया कि गुन्नौर क्षेत्र के गांव सैमला गुन्नौर निवासी काले सिंह ने दस जून 2017 को थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में बताया था कि करीब एक माह पहले गांव के ही योगेश से भूमि को लेकर झगड़ा हुआ था। नौ जून 2018 को उसके चचेरे बहनोई नकसे निवासी गांव कुहेरा थाना गुन्नौर उसके घर आए थे। बहनोई ने उनसे व परिजनों से झगड़े के मामले में समझौता करके विवाद को खत्म करने की बात कही थी। उसके बाद रात को करीब साढ़े दस बजे वह बहनोई व अन्य परिजनों के साथ घेर में सोने के लिए जा रहे थे।
रास्ते में दूसरे पक्ष के योगेश का घर था। वहां पर योगेश व अन्य आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और तमंचे से गोली चला दी। गोली नेकसे के सीने में लगी और वह मौके पर ही गिर पड़े। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। वह घायल को अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, उसी दौरान उनकी मौत हो गई।
वहां से मृतक को थाने लेकर पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। काले सिंह की तहरीर पर पुलिस ने दूसरे पक्ष के योगेश, उसके चचेरे भाई पूूरन सिंह, प्रेमपाल, उनके पक्ष के टिल्लू उर्फ डालचंद, उसका बेटा पप्पू उर्फ आराम सिंह, टिल्लू के भाई नब्बी उर्फ नवाब के खिलाफ जानलेवा हमले व हत्या के मामले में रिपोर्ट दर्ज थी। इस मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने की। गवाह व साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध होने पर हत्या का दोषी मानते हुए योगेश, पूरन, प्रेमपाल, टिल्लू उर्फ डालचंद, उसके बेटे पप्पू उर्फ आराम सिंह, टिल्लू के भाई नब्बी उर्फ नवाब को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी अभियुक्तों को 42-42 हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई है।