संभल। जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में चार हत्याओं में शारिक साटा गिरोह के सदस्य मुल्ला अफरोज, वारिस और गुलाम गिरफ्तार किए जा चुके हैं। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि गिरोह के कितने सदस्य बवाल से जुड़े थे, इसकी जांच एसआईटी कर रही है। जिसकी भी भूमिका सामने आएगी। उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी है।
24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान यह बवाल हुआ था। इसमें गोली चलाने के साथ पत्थरबाजी की गई थी। आगजनी और तोड़फोड़ की थी। विदेशी हथियार और कारतूस का इस्तेमाल किया गया था। इसमें पांच लोगों की जान चली गई थी। 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। चार हत्या के मामले दर्ज हुए थे। जबकि पांचवें मृतक के परिजनों ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। पुलिस की छानबीन में सामने आया था कि हथियार शारिक साटा ने उपलब्ध कराए थे। उसकी गिरोह का मकसद था कि आम लोगों के साथ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी जाए। जिससे शहर का माहौल पूरी तरह खराब हो जाए। पुलिस ने शारिक साटा गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार किए तो पिस्टल, कारतूस व अन्य हथियार बरामद हुए थे। संवाद