पानी की सप्लाई में फुंक रही 50 लाख की बिजली
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जिले के किसौली और सिकंदपुर सराय गांव का पानी भी प्रदूषित निकला। सरकारी हैंडंपंपों के पानी की जो परीक्षण रिपोर्ट आई है उसने साबित किया है कि आर्सेनिक और नाइट्रेट की मात्र इन गांवों के पानी में खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है। इस पानी को पीने वाले लोगों की सेहत को खतरा है।
जल निगम ने सिकंदरपुर सराय के 35 सरकारी इंडिया मार्क टू हैंडपंपों का पानी परीक्षण के लिए लखनऊ स्थित विभागीय प्रयोग शाला में भेजा था। प्रयोगशाला की रिपोर्ट के मुताबिक गांव के पांच हैंडपंप नाइड्रेड की अधिक मात्रा से प्रभावित हैं। वहीं किसौली के 74 सरकारी हैंडपंपों के पानी को परीक्षण के लिए भेजा गया था।
इनमें 8 हैंडपंपों के पानी में नाइट्रेट और 6 हैंडपंपों के पानी में आर्सेनिक खतरनाक स्तर तक पाया गया है। इसके दुष्परिणाम यह हैं कि लोगों की सेहत खराब हो रही है। स्थानीय चिकित्सक डा.प्रशांत वार्ष्णेय का कहना है कि आर्सेनिक की मात्रा पेयजल में यदि बहुत ज्यादा होती है तो यह कैंसर का खतरा हो सकता है।