गांव शफातनगर में कथा समापन पर पूजा करते श्रद्धालु। संवाद
संभल। गांव शफातनगर में रविवार को पूर्णाहुति के साथ श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सम्पन्न हुआ। पूर्णाहुति के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने यज्ञ में पूर्णाहुति दी। पूर्णाहुति के बाद आरती हुई। बाद में प्रसाद का वितरण किया गया। असमोली क्षेत्र के गांव शफातनगर में 26 सितंबर से श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया था। कथा व्यास आचार्य रामसेवक पुरी गोस्वामी ने सात दिन तक भक्तों और श्रद्धालुओं को भागवत कथा के ज्ञान की महिमा से अवगत कराया। ईश्वर की लीला, ईश्वर प्रेम, माता पिता की सेवा आदि का मर्म भागवत कथा के माध्यम से बताया। पूर्णाहुति के अवसर पर कथाव्यास ने कहा कि सात दिन तक जो श्रीमद् भागवत कथा का रसपान किया, उसे जीवन में उतारना चाहिए, तभी इसकी सार्थकता होगी।
बताया कि नित्य भगवान नाम का स्मरण करना चाहिए, क्योंकि कलयुग में भगवान नाम का स्मरण ही कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगा। इस दौरान मुख्य यज्ञमान कपिल कुमार, विमलेश देवी, नरेंद्र कुमार, अनुज पाल, बबली सिंह, सुरेंद्र सिंह पाल, विजय सिंह, नन्हीं देवी, रीना पाल, रीनू, प्रवेश देवी, सीमा, रोहिणी, प्रमोद आदि रहीं।