Shri Krishna came out of Yamuna after defeating Kaliya Nag
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शनिवार को कलाकारों ने कालिया नाग नाथन की लीला का मंचन किया जिसे देख श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण के जयकारे भी लगाए। कालिया नाग को हराने के बाद श्रीकृष्ण यमुना से बाहर आ गए जिसके बाद श्रीकृष्ण के जयकारे से पंडाल गूंज उठा।
गणेश मंदिर के सामने स्थित गजानन हॉल में मथुरा वृंदावन श्री गिरिराज धरन लीला संस्थान के कलाकारों द्वारा रासलीला का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को कालिया नाग नाथन लीला का कलाकारों ने भावपूर्ण मंचन किया। जिसमें पहले दृश्य में दिखाया गया कि राजा कंस अपने दरबार में श्रीकृष्ण को मारने के लिए अपनी सेना के साथ विचार-विमर्श कर रहा है। तभी नारद की प्रकट होते हैं और कालिया नाग के विषय में बताते है। इस पर कंस अपने सैनिकों को भेजकर कालिया नाग को संदेश भिजवाता है। उधर, यमुना नदी में कालिया नाग के निवास करने से पानी जहरीला हो जाता है और कोई पशु-पक्षी नदी के पालन का सेवन करता तो मर जाता। श्रीकृष्ण ग्वालवालों के साथ नदी के किनारे खेल रहे होते हैं, तभी श्रीकृष्ण जानबूझ कर बाल यमुना में फेंक देते हैं। तब ग्वाल श्रीकृष्ण से यमुना से गेंद लाने को कहते हैं। इसके बाद श्रीकृष्ण यमुना में कूद जाते हैं। यमुना में जाने के बाद श्रीकृष्ण सो रहे कालिया नाग को उठाते हैं और उसके न उठने पर उसकी पूछ पर पैर रख देते हैं। इससे कालिया नाग श्रीकृष्ण का वध करने को जुट जाता है। काफी देर तक श्रीकृष्ण व कालिया नाग के बीच युद्ध होता है। इसके बाद कालिया नाग अपनी हार मान लेता है। इसके बाद श्रीकृष्ण कालिया नाग के फन पर पैर रखकर यमुना से बाहर आते हैं। इस दौरान कंस की गौखलेश, श्रीकृष्ण की हेमंत, नारद की दीपक पाठक, कालिया नाग की मदन, यशोदा की गोपाल, ग्वाल-बाल की अशोक पाठक, पप्पी, राकेश, सुखवीर ने भूमिका निभाई।