संभल। ऑक्सीजन की किल्लत तो दूर हुई है लेकिन फ्लोमीटर और पल्स ऑक्सीमीटर की किल्लत शुरू हो गई है। सांस की दिक्कत होने पर निजी अस्पतालों में उपचार नहीं मिल पा रहा। सभी निजी चिकित्सालय प्रबंधन का कहना है कि फ्लोमीटर की किल्लत है और पल्स ऑक्सीमीटर भी आसानी से नहीं मिल रहा।
इसलिए जो मरीज आते हैं उन्हें फ्लोमीटर लाने के लिए कहा जा रहा है। वहीं दूूसरी ओर मेडिकल संचालकों से मिली जानकारी के अनुसार संभल जिले में फ्लोमीटर तो उपलब्ध ही नहीं है और ऑक्सीमीटर उपलब्ध बताया जा रहा है। इस किल्लत के चलते जिन मेडिकल पर है वह अपने मनमाने तरीके से बेच रहे हैं। निजी चिकित्सालय प्रबंधन व चिकित्सक इस समस्या को लेकर परेशान हैं।
क्या होता है फ्लोमीटर और पल्स ऑक्सीमीटर
फ्लोमीटर एक रेगुलेटर की तरह होता है। जिससे ऑक्सीजन गैस सिलेंडर से पाइप तक जाती है। और उसके बाद बीमार व्यक्ति को मिलती है। पल्स ऑक्सीमीटर से बीमार व्यक्ति की धड़कन व शरीर का ऑक्सीजन लेवल जांचा जाता है। इसलिए कोरोना संक्रमण में इन दोनों उपकरण की ज्यादा जरूरत पड़ रही है।