बूचड़खानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
- फोटो : राहुल शुक्ला
मीट की दुकानें बंद हुईं तो विक्रेता भड़क गए। उन्होंने रोजगार की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। योगी के एजेंडे से असहमत चमन सराय के लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। आंदोलन की भी चेतावनी दी। वहीं समाजवादी पार्टी भी मीट विक्रेताओं के समर्थन में आ गई है। उनके साथ कई अन्य संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के सामने बेरोजगारों की समस्याएं उठाईं।
अल फलाह फ्रोजन फूड्स के संचालक हाजी मेंबर शकील के नेतृत्व में सोमवार को कुरैशी समाज के तमाम लोग एसडीएम कार्यालय पहुंचे। एसडीएम कार्यालय के परिसर में एक सभा हुई जिसमें शकील ने कहा कि, कु्रैशी समाज के लोगों की रोजीरोटी पर संकट आ गया है, ये ठीक नहीं है। अभी तो हम ज्ञापन दे रहे हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो हम शुक्रवार को नगर पालिका मैदान में आंदोलन करेंगे।
वहीं सपा के जिलाध्यक्ष फिरोज खां के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मिला। एसडीएम से शादी ब्याह के लिए मीट पर लगाई गई पाबंदी को खत्म करने और दावत के आयोजनों में छापेमारी न करने की मांग की। इस पर एसडीएम ने कहा कि जो फैसला होगा वह ऊपर से होगा। ज्ञापन डीएम को भेजा जा रहा है। इसके बाद कुछ लोग व्यक्तिगत स्तर पर डीएम से मिले। उन्होंने मीट पर लगी पाबंदी खत्म करने की मांग की। मीट बिक्री की दुकानें खुलवाने पर जोर दिया।
यह है मामला
संभल जिले में एक दिन में तकरीबन साढ़े तीन करोड़ रुपये का निर्यात होता था, जबकि कम से कम 25 लाख रुपये प्रतिदिन मीट संभल और सरायतरीन के खुले बाजार में बिक जाता था। अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई शुरू हुई तो जिले के तीन प्रमुख स्लाटर हाउस पर ताले पड़ गए।
इससे 400 से अधिक मीट की दुकानें बंद हो गईं और विक्रेता बेरोजगार हो गए। अब चोरी छिपे भले ही पशु काटकर इंतजाम किया जा रहा हो, सार्वजनिक तौर पर कारोबार बंद ही हो गया है। इसको लेकर कुरैशी समाज के साथ, कारोबार से जुड़े तमाम लोगों में आक्रोश है। वे चाहते हैं कि मीट बिक्री पर लगाई गई रोक हटाई जाए। वैध स्लाटिंग का इतंजाम किया जाए।