ग्राम प्रधान और संपूण स्वच्छता अभियान के तहत काम करने वाले खंड प्रेरक को भी कार्रवाई के घेरे में लिया गया है। प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति जिलाधिकारी से की गई है और प्रेरक की संविदा समाप्त किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
मुख्य विकास अधिकारी प्रेम त्रिपाठी ने बताया कि ईसापुर मूसापुर 2016-17 का लोहिया गांव है। स्वच्छ शौचालय बनाने में घपले की शिकायत आने के बाद डीपीआरओ को जांच सौंपी गई थी। जांच में प्रथम दृष्यया घपलेबाजी की पुष्टि हुई तो कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी ने मिलकर 27.80 लाख रुपये निकाले थे लेकिन गांव में शौचालय आधे-अधूरे बनाए गए। मौके पर मानक के अनुरूप काम नहीं मिला। बैंक खाते से धनराशि निकालने में वित्तीय अनुशासन का भी उल्लंघन किया गया था। एक व्यक्ति के नाम दो शौचालय होने की बात भी सामने आई। जांच के दौरान जब फर्जीवाड़ा पकड़ा गया तो ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित किया गया है।