संभल।
मामूली वाहन चोर के रूप में पहचाना जाने वाला नखासा थाना क्षेत्र के दीपा सराय निवासी शारिक साटा अब विदेशी हथियार की तस्करी और नकली नोटों का भी धंधा करता है। इसका खुलासा उसके गुर्गे मुल्ला अफरोज ने पुलिस पूछताछ में किया है।
बवाल में गिरफ्तार किए गए मुल्ला अफरोज ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि शारिक साटा विदेश से हथियार भेजता है। इन हथियार की डिलिवरी कहां-कहां होनी है एक एप के माध्यम से कॉल कर सरगना बताता है। उसके बाद हथियार वहां पहुंचा दिया जाता है। मुल्ला अफरोज ने पुलिस को यह भी बताया है कि कुछ समय पहले तक हरियाणा और दिल्ली राज्यों में हथियारों की डिलीवरी दी है। इसके लिए कई सदस्य लगे रहते हैं। पुलिस को आरोपी ने कई सदस्यों के नाम भी बताए हैं जिनकी तलाश में पुलिस की टीम लग गई है।
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि शारिक साटा इस गिरोह का संचालन दुबई से करता है। जो दाऊद इब्राहिम गिरोह और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में होने की बात सामने आ रही है। पकड़े गए आरोपी मुल्ला अफरोज इन सभी की जानकारी दी है। एसपी ने बताया कि गिरोह में दूसरे राज्यों के सदस्य हैं लेकिन ज्यादातर सदस्य संभल के हैं। उनकी तलाश में टीमों को लगाया गया है। यह गिरोह के सदस्य बवाल में शामिल थे और घटनाएं अंजाम देकर सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए थे।
मुल्ला अफरोज पर दर्ज हैं नौ मुकदमे
पुलिस को प्राथमिक छानबीन में मुल्ला अफरोज के खिलाफ नौ मामले दर्ज मिले हैं। इसमें हत्या, गैरइरादतन हत्या, डकैती, सार्वजनिक संपत्ति क्षति करने जैसे कई गंभीर अपराध में मामले दर्ज हैं। एसपी का कहना है कि आरोपी के आपराधिक इतिहास को और खंगाला जा रहा है। बताया कि इस मामले में सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
नेताओं की तरफ से है हरी झंडी...आम लोग और पुलिसकर्मियों को मार दो
पुलिस को मुल्ला अफरोज ने बताया है कि 24 नवंबर को दूसरे साथी के पास शारिक साटा ने एक एप पर कॉल कर कहा था कि नेता भीड़ जमा करा रहे हैं। नेताओं की ओर से पूरी सपोर्ट है और हरी झंडी मिल गई है। इसलिए 10 से 20 पुलिसकर्मी और आम लोगों को मार दो। इससे पुलिस प्रशासन डर जाएगा और शासन भी पुलिसकर्मियों के खिलाफ ही कार्रवाई करेगा। एसपी का कहना है कि मुल्ला अफरोज के मोबाइल में वह एप भी मिली है जिससे इंटरनेशनल कॉल चल रही थी। मोबाइल को जब्त कर लिया गया है। उसकी जांच पड़ताल भी कराई जा रही है। जिससे कोई और सबूत भी शारिक साटा गिरोह के खिलाफ एकत्र हो सके और सख्त कार्रवाई हो सके।