चंदौसी (संभल)। दहेज के लिए पत्नी की जलाकर हत्या करने के मामले सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (रेप केसेज एंड पॉक्सो एक्ट) निर्भय नारायण राय ने कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गांव खनुपुरा निवासी दोषी पति विकास को सात साल कैद की सजा सुनाई है। छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। साक्ष्यों के अभाव में सास-ससुर को बरी कर दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने बताया कि आठ जून 2021 को बहजोई थाना क्षेत्र के गांव चाटन निवासी भूरे ने तहरीर देकर बताया था कि वर्ष 2020 में उसने अपनी बेटी ब्रजेश की शादी कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गांव खनुपुरा निवासी विकास पुत्र सत्यवीर के साथ की थी। शादी में सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज भी दिया था। आरोप था कि दामाद और ससुराल वाले दहेज के लिए उसकी बेटी के साथ मारपीट करते थे। सात जून 2021 की सुबह छह बजे उन्हें सूचना मिली कि उसकी पुत्री को दहेज की मांग को लेकर मिट्टी का तेल छिड़ककर जिंदा जला दिया है। जब वह पहुंचे तो उसकी पुत्री कमरे में जली हुई मृत पड़ी थी। इसके बाद उसने थाने में सूचना दी। पुलिस ने आरोपी दामाद विकास, ससुर सत्यवीर व सास सर्वेश के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (रेप केसेज एंड पॉक्सो एक्ट) निर्भय नारायण राय ने सुनवाई के दौरान साक्ष्यों के आधार पर पति को दहेज हत्या का दोषी माना और सात साल कैद और छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही पीड़िता के सास व ससुर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
15 दिन पहले आया था जमानत पर फिर गया जेल
दहेज के लिए पत्नी ब्रजेश की जलाकर हत्या करने के बाद पुलिस ने आरोपी पति विकास को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया था। उसने कई बार जमानत अर्जी लगाई लेकिन जमानत नहीं मिल सकी थी। वह तभी से जेल में बंद था। एक माह पहले उसने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी लगाई थी। जहां से उसे 15 दिन पहले जमानत मिल गई। सोमवार को मामले में दोष सिद्ध होने पर कोर्ट ने सात साल कैद की सजा सुना दी। जिसके बाद पुलिस ने दोषी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।