संभल। 24 नवंबर को हुए बवाल में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में नामजद किए गए सपा सांसद जियाउर्रहमान को बीएनएसएस 35 के अंतर्गत नोटिस जारी किया जाएगा। सांसद से विवेचना में सहयोग लिया जाएगा। सांसद गिरफ्तारी पर रोक के लिए हाईकाेर्ट चले गए थे। अब पुलिस नोटिस जारी कर अगली कार्रवाई आगे बढ़ाएगी।
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि बवाल के बाद मुकदमा अपराध संख्या 335/24 में एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसमें सांसद और विधायक के बेटे सुहेल इकबाल नामजद किए गए थे अन्य अज्ञात शामिल थे। सांसद पर भड़काऊ भाषण देने और विधायक के बेटे पर भड़काने का आरोप है। सांसद गिरफ्तारी पर रोक लगवाने के लिए हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट के आदेशानुसार ही कार्रवाई आगे बढ़ रही है। बीएनएसएस 35 का नोटिस जारी कर विवेचक द्वारा सहयोग मांगा जाएगा।
एसपी ने बताया कि सांसद जिस मुकदमे नामजद किए गए हैं। उसमें पहली गिरफ्तारी जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट की हो चुकी है। उनके खिलाफ बवाल की साजिश रचने समेत कई गंभीर आरोप हैं। उसमें साक्ष्य मिलने के बाद ही गिरफ्तारी की गई है।
बवाल के चार महीने बाद हुई जामा मस्जिद कमेटी सदर की गिरफ्तारी
जामा मस्जिद सर्वे के दौरान बवाल 24 नवंबर को हुआ था। सर्वे के दौरान जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट भी टीम के साथ मौजूद थे। बवाल के दिन उन पर साजिश रचने के साक्ष्य पुलिस को मिले। इसके अलावा सदर ने 25 नवंबर 2024 को प्रेसवार्ता कर पुलिस पर गोली चलाने का आरोप लगाया था। कहा था कि बवाल में पुलिस ने गोली चलाई और उसमें पांच लोगों की जान चली गई। इस आरोप के चलते बीएनएस 230 और 231 के तहत कार्रवाई की गई। दर्ज मुकदमे में पहली गिरफ्तारी चार महीने बाद सदर की हुई है। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में एक गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए टीम प्रयास कर रही है। सांसद को विवेचक द्वारा बीएनएसएस 35 के तहत नोटिस जारी किया जाना है। विवेचक द्वारा विवेचना में सहयोग मांगा जाना है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।