संभल ब्लॉक क्षेत्र के गांव शरीफपुर में स्थित गोशाला में संरक्षित गोवंशीय पशुओं को हरे चारे के रूप में बाजरा खिलाया गया। इसमें छह पशुओं की मौत हो गई है। जबकि छह पशु बीमार हालत में हैं। प्राथमिक जांच पड़ताल में फूड पॉइजनिंग से पशुओं की मौत होने की जानकारी जिलाधिकारी द्वारा दी गई है।
हालांकि चारे के नमूने बरेली की लैब भेजे गए हैं। जिससे सही जानकारी सामने आ सके। पशुओं की मौत से खफा हुए जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिव सौरभ सिंह और पशुधन प्रसार अधिकारी शिवम को निलंबित किया है। साथ ही बीडीओ संभल, सीवीओ, डिप्टी सीवीओ व नोडल अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
शरीफपुर गोशाला में 175 गोवंशीय पशु होने का रिकॉर्ड है। इसमें से फूड पॉइजनिंग के चलते छह पशुओं की मौत हो गई। छह पशुओं का उपचार चल रहा है। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैन्सिया ने बताया कि हरा चारा बाजरे का खिलाया गया है। जबकि यह चारा खिलाना मना किया गया था। इससे ही पशुओं को फूड पॉइजनिंग हुई और छह पशुओं की मौत हो गई। जो पशु बीमार हैं उनका उपचार कराया जा रहा है।
बताया कि प्राथमिक जांच पड़ताल में ग्राम पंचायत सचिव और पशुधन प्रसार अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। बाजरे का हरा चारा खिलाने से मना किया गया था इसके बाद भी पशुओं को हरे चारे के रूप में बाजरा खिलाया गया। यह बड़ी लापरवाही है। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रति पशु 50 रुपये शासन से दिए जाते हैं। इसके मुताबिक हरा चारा, शुद्ध पानी, नमक, व अन्य व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के निर्देश दिए हैं।