संभल। बच्चा चोरी कर तस्करी करने वाले गिरोह की सरगना रामपुर के खजुरिया थाना क्षेत्र के ऊधमपुरा गांव निवासी शाजिया और उसका पति सलमान अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस का कहना है कि इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद ही गिरोह की पूरी कड़ी जुड़ेगी। एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि इस पूरे मामले की समीक्षा की जा रही है। आरोपियों की भी तलाश जारी है। जिससे पूरा सिंडिकेट का खुलासा किया जा सके।
14 अगस्त को इस गिरोह का तत्कालीन एसपी ने खुलासा किया था। दो बच्चे बरामद किए गए थे। असमोली थाना पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों में ऐंचोड़ा कंबोह थाना क्षेत्र के अशरफपुर गांव निवासी फरीद, जिला मुरादाबाद के कुंदरकी थाना क्षेत्र के सादात निवासी फैसल, पाकबड़ा निवासी शमशाद, दिल्ली के शिव विहार निवासी कोमल और नंदनगरी निवासी वंदना जैन शामिल थे।
करावल नगर निवासी गुड्डी ने चार अगस्त को अपहरण किया गया चार वर्ष का बच्चा उवैस पांच लाख रुपये में खरीदा था। उसे भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस गिरोह ने गांव ओबरी से ही दूसरे बच्चे का भी अपहरण किया था लेकिन पुलिस के पीछा करने पर बच्चे को गांव ओबरी में ही छोड़ गए थे।
आरोपियों ने उवैस का अपहरण कर उसे दिल्ली की कोमल और वंदना जैन को बेच दिया था। यह सौदा 2 लाख 40 हजार रुपये में हुआ था। हालांकि कोमल और वंदना ने गुड्डी से पांच लाख रुपये में सौदा किया था। इस पूरे गिरोह की सरगना शाजिया और उसका पति सलमान हैं।
मुख्य आरोपी पकड़े जाएं तो सिंडिकेट का खुलेगा राज
इस गिरोह ने असमोली थाना पुलिस को पूछताछ में बताया था कि वह बच्चों को बेचने का काम करते हैं। इस गिरोह में शामिल कोमल दिल्ली के एक आईवीएफ क्लीनिक में नर्स के तौर पर काम करती है। वहां ऐसे ही परिवार पहुंचते हैं जिनके संतान नहीं होती है। इन परिवारों से ही बच्चों का सौदा होता है। वंदना जैन हाई-प्रोफाइल सोसाइटी में बच्चे बेचने का काम करती है। पूरा गिरोह शाजिया के इशारे पर ही संचालित होता है। इसलिए पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश में है। पूरा सिंडिकेट सामने आने पर कई अपहरण बच्चों का सुराग लग सकता है।