तमाम प्रयासों के बावजूद बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित विद्यालयों में हिंदी पढ़ने-लिखने में पिछड़ रहे विद्यार्थियों को अब इमला और सुलेख लिखाया जाएगा। इससे विद्यार्थियों की हिंदी की गलतियां सुधरेंगी और उन्हें तेजी से लिखने का अभ्यास भी होगा। शिक्षा विभाग की ओर से इसकी पहल की जा रही है।
दरअसल, 15-20 साल पहले परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों में सुलेख और इमला के माध्यम से ज्ञान की नींव डाली जाती थी। इससे बच्चे शब्दों का सही उच्चारण करते थे और उनकी भाषा लिखने और बोलने में शुद्ध होती थी, लेकिन कई सालों से सरकारी विद्यालयों में इमला और सुलेख की परंपरा खत्म हो गई है। शिक्षक भी इससे कतरा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि वर्तमान में छात्र सुलेख और इमला के बारे में जानते ही नहीं हैं। इसका नतीजा यह है कि छात्र बोलते और लिखते समय कई गलतियां करते हैं। इसको लेकर अब विद्यालयों में सुलेख लिखने की कवायद शुरू की जा रही है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले दिनों में परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं इमला और सुलेख लिखते हुए दिखाई देंगे।
भाषागत शुद्धता के लिए आयोजित होगी सुलेख प्रतियोगिता
संभल। एबीएसए पोप सिंह ने बताया कि छात्रों में भाषागत शुद्धता एवं तेज गति से लिखने के कौशल के विकास को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों को हिंदी और अंग्रेजी भाषा के शब्द लिखने और बोलने में निपुण करना है। यह प्रतियोगिता तीन स्तर पर आयोजित की जाएगी। इसमें प्रथम विद्यालय स्तर पर, दूसरा ब्लाॅक स्तर पर और तीसरा जनपद स्तर पर इसके लिए प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने शासन के निर्देश पर इसे कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
- इमला और सुलेख अब सरकारी विद्यालयों में दूर की कौड़ी हो चुके हैं। इस कारण से वर्तमान समय में अधिकांश बच्चे शब्दों का उच्चारण तक सही तरीके से नहीं कर पाते हैं। बोलते समय ही नहीं, लिखने में भी बड़ी-बड़ी गलतियां करते हैं। लेकिन इमला और सुलेख फिर से शुरू हुआ तो इससे बच्चों की भाषा में बड़ा सुधार आएगा। शिक्षकों को भी बच्चों की गतिविधि पर नजर रखने का पूरा अवसर मिलेगा। -बालकराम, सेवानिवृत्त शिक्षक।
- छात्रों में भाषागत शुद्धता एवं तेज गति से लिखने के कौशल के विकास के लिए छात्रों को हिंदी और अंग्रेजी भाषा में कंपलीट द स्पेलिंग प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसके लिए सभी को निर्देश जारी किए जाएंगे। विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की हिंदी सुधारने के लिए इमला लिखवाने की कवायद शासन स्तर से हो रही है तो इस पर भी गंभीरता से कार्रवाई पूरी कराई जाएगी। -पोप सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, पवांसा।