मुरादाबाद। चित्रगुप्त इंटर कॉलेज में अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय प्रबंधक सभा की मंडलीय बैठक में प्रबंधकों ने विद्यालयों में कम होती छात्र संख्या के लिए शिक्षा विभाग को जिम्मेदार ठहराया। जिलाध्यक्ष अमरोहा रोहताश शर्मा ने कहा कि शिक्षा निदेशक के आदेश के बाद भी मंडल और जिले के शिक्षा अधिकारी विद्यालयों की समस्याओं पर गंभीर नहीं हैं। विभाग का पूरा ध्यान अध्यापन व्यवस्था सुधारने के बजाय नियुक्ति और प्रमोशन पर है। प्रबंधकीय व्यवस्था में हस्तक्षेप से विद्यालयों में शैक्षिक माहौल खत्म हो रहा है और छात्र संख्या तेजी से घट रही है। न बायोमीट्रिक उपस्थिति चल रही है, न पैनल निरीक्षण हो रहे हैं, न शिक्षक डायरी देखी जा रही है। विद्यालय पढ़ाई के केंद्र के बजाय केवल सेवा योजन के केंद्र बन गए हैं और बदनाम प्रबंधन को किया जाता है।
केजीके इंटर कॉलेज के प्रबंधक विवेक खन्ना ने कहा कि शिक्षकों-कर्मचारियों की कमी से शिक्षा का माहौल नहीं बन पा रहा है। पर्याप्त शिक्षक न होने से पढ़ाई बाधित हो रही है।
मंडलीय मंत्री अंकित गुप्ता ने कहा कि जनता में यह मिथक फैलाया जा रहा है कि सरकार विद्यालयों को बहुत अनुदान देती है, जबकि हकीकत में केवल नियुक्त शिक्षकों-कर्मचारियों का वेतन सीधे खाते में जाता है। फर्नीचर, बिजली, भवन रखरखाव के लिए कोई अनुदान नहीं मिलता। शुल्क माफी का खर्च भी प्रबंधन को उठाना पड़ रहा है। संगठन शासन से शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए फिर प्रत्यावेदन देगा।
मंडलीय अध्यक्ष पं. श्याम मोहन ने कहा कि प्रबंधन जब अनुशासन लागू करता है तो विभाग ही लापरवाह शिक्षकों को लाभ पहुंचाता है। इससे जनता का सहायता प्राप्त विद्यालयों पर भरोसा उठ रहा है। अब प्रबंधकों को अभिभावकों से सीधा संवाद करना होगा। शैक्षिक सुधार के लिए मंडलायुक्त और जिलाधिकारी से मिलकर कार्ययोजना लागू कराने की मांग की जाएगी। इसके लिए अंकित गुप्ता, रजनीश सिंह, दीपक द्विवेदी, रोहताश शर्मा, डॉ. विश्वास और नवनीत शमशेरी को जिम्मेदारी दी गई। इस दौरान दिनेश साहू, सचिन कौशिक, सहदेव चौधरी आदि मौजूद रहे।