रमईपट्टी स्थित भारतीय स्टेट बैंक में कैश लेने के लिए खड़े खाताधारक ।
संभल और सरायतरीन में बैंकों के बाहर दोपहर तक आपाधापी का माहौल रहा। सरायतरीन में भुगतान के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
बैंकों के बाहर भीड़ तो थोड़ी सी घटी है लेकिन सबको कैश नहीं मिल पा रहा है। कतार में लगकर कैश के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। शुक्रवार को अधिकांश बैंकों के बाहर भीड़ भाड़ थी। लोग करेंसी के लिए कतारों में खड़े थे। पंजाब नेशनल बैंक के बाहर 12 बजे अच्छी खासी भीड़ थी। तभी एक युवक बिना लाइन के अंदर जाने का प्रयास करने लगा। कतार में खड़े लोगों ने युवक का विरोध किया तो दोनों तरफ से नोकझोंक हो गई। पुलिस ने लोगों को शांत कर दिया। वहीं स्टेट बैंक के बाहर 1 बजे तक लोगों की भीड़ लगी थी। धक्का मुक्की भरे माहौल में एक महिला और युवक के बीच नोकझोंक हो गई। महिला के साथ आए युवक का दूसरे युवक से विवाद हुआ और इसी विवाद में मारपीट हुई। आसपास के लोगों ने मारपीट कर रहे युवकों में बीच बचाव कराया। मारपीट होने से बैंक के बाहर हंगामा खड़ा हो गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने हंगामा करने वाले लोगों को शांत किया। इस मामले में कार्रवाई के लिए किसी तरफ से तहरीर नहीं दी गई है। उधर दोपहर बाद से बैंकों के बाहर हालात सुधरते हुए नजर आए। स्टेट बैंक के बाहर भीड़ कम होने पर पुलिसकर्मियों ने बैंक गेट को खोल दिया। वहीं अन्य बैंकों के बाहर दोपहर के बाद भीड़ कम नजर आई।
जगी राहत की उम्मीद,घटने लगीं कतारें
नोटबंदी के बाद नकदी के लिए लंबे समय से आफत झेल रहे लोगों को अब समस्या से निजात के लिए उम्मीद जगने लगी है। बैंक और एटीएम के सामने लगने वाली कतारों का कद घटने लगा है। शहर समेत ग्रामीण बैंकों में भी अब नकदी की कोई कमी नहीं है। हालांकि अधिकांश बैंकों में अभी भी दो हजार रुपये की नकदी दी जा रही है।
बैंकों में नकदी का वितरण लगातार जारी है। जमा समेत अन्य बैंकिंग के कामकाज भी रफ्तार पकड़ रहे हैं। नकदी निकासी की सीमा की बात छोड़ दें तो अधिकतर समस्याओं से लोगों को लगभग निजात मिल गई है। कारोबारियों और विशेष जरूरत वालों को नकदी निकासी की तय सीमा अभी भी परेशानी बनी हुई है। शहर की बैंकों, एटीएम समेत ग्रामीण बैंकों में भी नकदी की कोई कमी नहीं है। लेकिन शहर में पांच हजार रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों की बैंकों में दो हजार रुपये की पाबंदी से लोग परेशान हैं। हालांकि बाजार में भी अब कारोबार सुचारू करने के लिए नकदी की आमद तेजी से हुई है। कारोबारियों के लिए नकदी की अब पहले जैसी समस्या नहीं है।