यह रायफल डाक्टर के सरकारी आवास में घरेलू सामान के साथ ही रखी थी और उसे उस वक्त बरामद किया गया है जब तहसीलदार और एसडीएम डाक्टर का सामान उनके सरकारी आवास से बाहर निकलवा रहे थे। मामला संभल के जिला अस्पताल में तैनात रहे डा. जेपीएस यादव से जुड़ा हुआ है। जेपीएस यादव अब मुरादाबाद में तैनात हैं।
जिला अस्पताल में कार्यवाहक सीएमएस के तौर पर तैनात रहे जेपीएस यादव और उनकी पत्नी डा.अर्चना यादव अस्पताल परिसर में ही एक सरकारी मकान में रहते थे। स्थानांतरण के बाद भी दोनों ने मकान नहीं छोड़ा था। मकान खाली करने के लिए प्रशासन ने दो बार नोटिस दिया। हाल में 16 नवंबर को नोटिस दिया गया जब उन्होंने मकान नहीं खाली किया तो शनिवार को शाम एसडीएम और तहसीलदार के साथ कोतवाली की पुलिस उन्हें बेदखल करने पहुंची। आवास में ताला लगा था। तहसीलदार को मजिस्ट्रेट नियुक्त करने के बाद एसडीएम ने आवास का ताला तुड़वाया। सामान की लिस्टिंग कराई गई। जब लिस्टिंग कराई जा रही थी तभी एक रायफल दिखाई पड़ी।
जो कर्मचारी लिस्टिंग निकाल रहे थे उनकी नजर सबसे पहले पड़ी और उन्होंने एसडीएम व तहसीलदार को जानकारी दी। दोनों अधिकारियों को शुरूआत में काफी हल्के से लिया लेकिन जब सीओ को जानकारी मिली तो गंभीरता दिखाई। रायफल का बोर देखने के लिए उसे एक कर्मचारी और सिपाही के माध्यम से बंदूक की दुकान तक भेजा। इसके बाद 315 बोर का एक कारतूस डालकर उन्होंने रायफल को चेक किया। सीओ ने सबके सामने माना कि ये अवैध रायफल है। कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि एसडीएम और सीओ यह लिखकर देते हैं कि डाक्टर के सामान में राइफल निकली है तो वह कार्रवाई करेंगे।