पहले राधा-कृष्ण के नृत्य बाद में गायकों ने समां बांधा। देर रात तक कल्कि महोत्सव में भक्तों का मनोरंजन होता रहा। 10 बजे के बाद सपना अवस्थी ने मंच संभाला तो भक्तों के साथ संतों को भी झूमने के लिए मजबूर कर दिया। कल्कि महोत्सव के दूसरे दिन आचार्य प्रमोद कृष्णम जगद्गुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती व स्वामी चक्रपाणि महाराज ने दीप जलाकर सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया। इसके बाद मंच पर आए बहजोई के कलाकारों ने पंडाल में मौजूद भक्तों को भक्तिमय में डूबा दिया।
कलाकार हैप्पी, अंकित, नितिन ने ग्रुप नृत्य किया। मंच पर फूलों की होली भी खेली गई। राधा-कृष्ण का रूप धरे कलाकारों ने पूरे माहौल को भक्ति मय कर दिया। इसके बाद पॉप सिंगर रमा शंकर मंच पर पहुंचे। उन्होंने ‘यारों सब दुआ करो मिलके फरियाद करो’ वाले गीत से शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कई गीतों पर लोगों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। रात 10 बजे के बाद सपना अवस्थी अपने साथियों के साथ मंच पर पहुंची। उन्होंने सब कुछ भुला दिया तूने कैसा सिला दिया... इस गीत से प्रस्तुति दी। सत्यम शिवम सुंदरम गीत की भी प्रस्तुति दी गई। सपना अवस्थी ने उसके बाद देर रात तक प्रस्तुति दी।
दूसरे दिन उमड़ा भक्तों का जन सैलाबः संभल। एचोड़ा कंबोह स्थित कल्कि महोत्सव की दूसरी शाम को भक्तों का जन सैलाब उमड़ पड़ा। शाम पांच बजे से ही कल्कि महोत्सव में भक्तों की भीड़ लगनी शुुरू हो गई थी। छह बजे तक पूरा पंडाल भक्तों से भर गया था। इसके बाद पंडाल के बाहर वह रोड़ पर भक्त कलाकारों की प्रस्तुुति का आनंद ले रहे थे।