एक दवा कंपनी की ओर से कस्टमर्स के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कंपनी की ओर से बाजार में ओएमए-12 के नाम से बेची जा रही विटामिन बी-12 की टेबलेट में विटामिन ही नहीं मिला है। यह टेबलेट मरीजों में विटामिन की पूर्ति के लिए दी जाती है।
राजकीय विश्लेषक प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में टेबलेट में विटामिन बी-12 नहीं मिला। इसके बाद औषधि निरीक्षक ने इस दवा की बिक्री पर रोक लगाते हुए मेडिकल स्टोर स्वामी व निर्माता कंपनी दोनों को नोटिस देकर जवाब मांगा है।
औषधि निरीक्षक आशुतोष चौबे ने बताया कि जुलाई-2016 में संभल के मोहल्ला ठेर स्थित एक मेडिकल स्टोर निशांत इंटरप्राइजेज से ओएमए-12 टेबलेट का नमूना लेकर जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला को भेजा गया था। इसकी रिपोर्ट अब आई है, जिसमें राजकीय विश्लेषक ने पाया है कि इस टेबलेट में विटामिन बी-12 है ही नहीं।
इस दवा को असोदा (हापुड़) की कंपनी यूनीप्लस बायोटेक प्रा. लिमिटेड बनाती है। औषधि निरीक्षक आशुतोष चौबे ने बताया कि हैरत की बात है कि जो दवा जिस नाम से ही बिक रही है, उसमें वही विटामिन गायब है तो फिर मरीज को कैसे फायदा करेगी।
इस दवा का क्रय विक्रय रोक दिया गया है। मेडिकल स्टोर स्वामी व निर्माता कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। मेडिकल स्टोर स्वामी को शेष बची दवा को कंपनी को वापस करने का निर्देश दिया गया है।
इसके अलावा जनवरी-2017 को ललित मेडिकल स्टोर से एक प्रसिद्ध ब्रांड का कंडोम भी सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था, जो जांच रिपोर्ट में मानक के अनुरूप नहीं पाया गया है।
यह कंडोम केरल की एक बड़ी कंपनी एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड का है। मेडिकल स्टोर स्वामी व निर्माता कंपनी दोनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इसका भी विक्रय रोक दिया गया है।