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असमोली पुलिस ने तीन क्विंटल गोमांस के साथ शिक्षा विभाग का लिपिक पकड़ा, छह भागे

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संभल। गोवंशीय पशु की कटान की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि छह फरार हो गए। पुलिस ने मौके से तीन क्विंटल मांस बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि जिस आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया गया है वह शिक्षा विभाग में लिपिक के पद पर तैनात है। उसके बारे में और पता करने पर जानकारी मिली कि वह पिछले तीन सालों से गैरहाजिर चल रहा है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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असमोली थाना पुलिस को शुक्रवार की सुबह चार बजे सूचना मिली कि कुछ लोग गोवंशीय पशुओं का कटान कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखकर आरोपी मौके से भागने लगे। पुलिस ने पीछा करके एक आरोपी को पकड़ लिया, जबकि छह भाग गए। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी गांव सैनियों की मढ़ैया निवासी अशोक कुमार है, जो शिक्षा विभाग में संभल के नगर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लिपिक के पद पर तैनात है। वह पिछले तीन वर्ष से ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहा है। पुलिस के मुताबिक मौके से फरार हो हुए आरोपियों में तीन की पहचान गांव नहरौली निवासी तवारक, फराहिम और फजरू के रूप में हुई है। अन्य तीन आरोपी अज्ञात है पुलिस को आरोपी लिपिक ने बताया कि वह लोग पशुओं का कटान कर मांस बेच देते हैं। जिससे काफी मुनाफा होता है। पुलिस ने चार को नामजद करते हुए तीन अज्ञात समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। थाना प्रभारी रणवीर सिंह ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
तीन वर्ष से गैरहाजिर लिपिक पर नहीं हो सकी बर्खास्तगी की कार्रवाई
संभल। अशोक कुमार पिछले तीन वर्ष से गैर हाजिर चल रहा है। विभाग ने वेतन रोक कर तीन नोटिस भेजे लेकिन इसके बाद भी कोई जवाब नहीं दिया गया। गौर करने वाली बात यह है कि तीन वर्ष तक गैरहाजिर होने वाले लिपिक पर शिक्षा विभाग की ओर से सेवा समाप्ति की कार्रवाई नहीं की गई। जबकि शिक्षा विभाग के जानकार बताते हैं कि एक वर्ष तक ही कार्रवाई पूरी कर देनी चाहिए। यदि एक वर्ष तक नोटिस का जवाब नहीं मिलता है तो सेवा समाप्ति अंतिम कार्रवाई की जाती है। संभल नगर खंड शिक्षा अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि लिपिक तीन वर्ष से गैरहाजिर चल रहा था। तीन नोटिस दिए जा चुके हैं लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया है।
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मृतक आश्रित में मिली है नौकरी
संभल। अशोक के पिता शिक्षा विभाग में कार्यरत थे। उनके निधन के बाद मृतक आश्रित उसकी नौकरी लग गई थी। पुलिस के मुताबिक अशोक को शराब पीने की लत गई और वह गलत लोगों की संगत में चला गया।
अशोक को तीन बार नोटिस जारी किया गया है, लेकिन उसकी ओर से कोई जवाब नहीं आया। गोकशी के मामले में उसके गिरफ्तार होने की जानकारी मिली है। अब उसकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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वीरेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए, संभल।
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