सीओ ने तीन बार बुलाने के बाद भी पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज नहीं किए हैं। दूसरी ओर कुछ लोग पीड़ित परिवार पर फैसले का दबाव बना रहे हैं। इस पर दलित संगठनों ने आक्रोश व्यक्त किया है। बहुजन सम्यक संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी प्रकरण का संज्ञान लिया है।
गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गंगुर्रा गांव में सात अगस्त को दलित किशोरी को मंदिर के पुजारी ने नल छूने से रोक दिया था। विरोध करने पर पुजारी ने किशोरी के पिता पर हमला कर घायल कर दिया गया था। मामले में मंदिर के पुजारी पूरन सिंह व उसके सहयोगी नत्थू सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है। लेकिन, जांच प्रक्रिया अभी अधर में ही है। किशोरी के पिता चरन सिंह ने बताया कि उन्हें पुलिस क्षेत्राधिकारी ने तीन दिन लगातार बुलाया तब भी बयान दर्ज नहीं हो सके।
वह रोजाना वापस लौट आते हैं। चरन सिंह के बेटे भारत सिंह ने बताया कि अब गांव के ही कुछ लोग फैसला करने का दबाव बना रहे हैं। वहीं क्षेत्राधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि तीन दिन से जरूरी काम होने की वजह से पीड़ित परिवार से नहीं मिल पाए। लेकिन जल्दी ही उनके बयान लिए जाएंगे और जांच पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि फैसले के लिए दबाव बनाए जाने की जानकारी उन्हें नहीं है। अगर कोई दबाव बना रहा है तो पुलिस उस पर कानून का शिकंजा कसेगी।
दूसरी ओर बहुजन सम्यक संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीता हरिता ने प्रकरण का संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि संगठन के पदाधिकारियों की टीम गांव भेजूंगी। ताकि पीड़ित से प्रकरण की पूरी जानकारी मिल सके।