संभल। 32 वर्ष से किराये के भवन में अस्थायी तौर पर चल रहा संभल रोडवेज बस स्टैंड अब अपनी जमीन पर होगा। रोडवेज बस स्टैंड के लिए मुरादाबाद मार्ग पर वाजिदपुरम के नजदीक तश्तपुर में भूमि स्वीकृत हो गई है। भवन निर्माण के लिए बजट का इंतजार है। बजट मिलते ही निर्माण शुरू हो जाएगा।
संभल में वर्ष 1991 से पहले रोडवेज बसें डग्गामार बसों की तरह चंदौसी चौराहे पर खड़ी होती थीं। वर्ष 1991 किराये का भवन लेकर उसमें रोडवेज बस स्टैंड संचालित किया जा रहा है। जिसका विभाग को प्रतिमाह 15 हजार रुपये किराया अदा करना पड़ा है। वहां पर न तो यात्रियों के लिए कोई सुविधा है और न ही स्टाफ के बैठने का उचित स्थान है। रोडवेज बसों को भी इधर-उधर खड़ा किया जाता है। संभल से मुरादाबाद के लिए 34, मेरठ और अलीगढ़ के लिए तीन तीन बसों का संचालन होता है। बरसात के दिनों में रोडवेज बस स्टैंड परिसर में जलभराव होने से यात्रियों को काफी परेशानी होती है। वर्षोँ से लोग बस स्टैंड की मांग करते आ रहे हैं। जिस पर शासन ने रोडवेज बस स्टैंड के लिए मुरादाबाद मार्ग पर वाजिदपुरम के पास तश्तपुर में करीब साढ़े तीन हजार वर्ग मीटर जमीन का प्रस्ताव मंजूर किया है। अब स्टीमेट बनाकर भेजा जाना है। उसके बाद बजट जारी किया जाएगा। बजट जारी होते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
जिला बनने के बाद भी नहीं बदली रोडवेज की तस्वीर
वर्ष 2011 में तत्कालीन सीएम मायावती ने मुरादाबाद और बदायूं जिले के हिस्सों से संभल जिला बनाया गया था। जिला बनने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि अब रोडवेज बस अड्डा बनेगा और सुविधाएं मिल सकेंगी, लेकिन नतीजा सिफर रहा। लंबे समय से लोग मांग उठाते रहे लेकिन जनप्रतिनिधि और प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। अब जाकर लोगों उम्मीद पूरी हुई है।
आबादी से बाहर होगा बस स्टैंड
संभल में रोडवेज बस स्टैंड आबादी से बाहर होगा। जिससे रोडवेज बसों के आवागमन में कोई परेशानी नहीं होगी। साथ ही जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी। क्योंकि जब रोडवेज बस आती हैं तो ई-रिक्शा की भीड़ लग जाती है। जिससे कुछ देर के लिए जाम की स्थिति बन जाती है।
कोट
जमीन का प्रस्ताव भेजा था। जो मंजूर हो गया है। अब स्टीमेट बनाकर भेजा जाना है। उसके बाद प्रक्रिया को तेजी से कराया जाएगा। जिससे संभल को स्थाई रोडवेज बस अड्डा मिल सके। -मनीष बंसल, डीएम