संभल। ऐसा पहली बार नहीं है, जब संभल का नाम आतंकी कनेक्शन से जोड़ा जा रहा है। इससे पहले भी कई बार संभल का नाम आतंकी कनेक्शन से जुड़ चुका है। सबसे पहले संभल का नाम 2005 में उस में चर्चा में आया था, जब दिल्ली की स्पेशल सेल ने वर्ष 1998 में संभल से लापता हुए दो युवकों को आतंकी घोषित किया था। दोनों को पोस्टर भी जारी किए गए और जगह-जगह चस्पा भी किए गए थे। उसके बाद संभल का नाम बार-बार आतंकी कनेक्शन से जुड़ता चला गया। जिसके बाद देश की एक बड़ी एजेंसी के अधिकारी संभल में डेरा जमाए रहते हैं। उनकी छानबीन लगातार रहती है। अन्य एजेंसियों के अधिकारी समय समय पर संभल का दौरा भी करते हैं।
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कब-कब आतंकी कनेक्शन से जुड़ा है संभल का नाम
24 सितंबर 2024- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने संभल के मियां सराय में आतंकी कनेक्शन के शक में एक परिषदीय स्कूल के शिक्षक और टेलर से पूछताछ की थी। टेलर का बेटा आतंकी गतिविधियों में जेल में बंद है। उसी ने ही शिक्षक के मकान में किराये पर एक परिवार को ठहराया था। किरायेदार परिवार का आतंकी कनेक्शन मिला था। इसी सिलसिले में एनआईए की टीम ने छानबीन की थी।
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नवंबर 2023 में आईएसआईएस कनेक्शन में दो युवक हुए थे गिरफ्तार
नवंबर 2023 में आईएसआईएस से कनेक्शन में संभल के दो युवक गिरफ्तार किए गए थे। इन युवाओं पर अन्य युवाओं को आतंक की राह पर लाने का आरोप लगा था। अभी मामला विचाराधीन है और दोनों युवक जेल में बंद हैं। इनके संपर्क में रहे कई युवकों की छानबीन एनआईए कर चुकी है।
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2019 में अमेरिका के हमले में अफगानिस्तान में मारा जा चुका है संभल का आतंकी
संभल के दीपा सराय निवासी मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू अलकायदा का दक्षिण एशिया प्रमुख था। जो 1998 में संभल से लापता हुआ था। वर्ष 2016 में अमेरिका की ओर से विश्व के आतंकियों की सूची जारी होने पर उसका नाम प्रकाश में आया था। मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू को वर्ष 2019 में अमेरिका और अफगानिस्तान की सेना के संयुक्त ऑपरेशन में मार गिराया था। जिसके बाद देश की एजेंसियों की नजर में संभल आ गया था।
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आतंकी गतिविधियों में शामिल होने पर दो युवक काट चुके हैं सजा
संभल के दीपा सराय निवासी मोहम्मद आसिफ और जफर मसूद आतंकी गतिविधियों में शामिल होने पर सात-सात साल की सजा काट चुके हैं। यह दोनों अलकायदा की सहायक शाखा अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टीनेंट (एक्यूआईएस) के लिए काम करते थे। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 14 फरवरी 2023 को सजा सुनाई थी। इनकी गिरफ्तारी वर्ष 2015 में की गई थी।
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शरजील और सईद अख्तर का पता नहीं चला
शहर के शरजील और सईद अख्तर 1998 में युवा अवस्था में लापता हुए थे। दिल्ली की स्पेशल सेल के अनुसार यह दोनों ही युवक आतंकी बन चुके हैं। इनके पोस्टर और फोटो भी दिल्ली के थानों में लगे हुए हैं। कई बार कई एजेंसियां इन दोनों के मामले में छानबीन करने आ चुकी है। वर्ष 2005 में पहली बार जानकारी आई थी कि यह आतंक की राह पर चल पड़े हैं।