संभल हिंसा मामले में आरोपी मुल्ला अफरोज, गुलाम और वारिस पर जिला न्यायालय में हत्या समेत कई मामलों में आरोप तय किए जाएंगे। हिंसा में पांच लोगों की मौत और कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। अफरोज पर कुल 11 मुकदमे दर्ज हैं।
संभल हिंसा के मुख्य आरोपियों में शामिल मुल्ला अफरोज, गुलाम और वारिस को भारी सुरक्षा के बीच मुरादाबाद जेल से जिला न्यायालय लाया गया। कुछ देर बाद उन्हें न्यायाधीश दुर्ग नारायन सिंह की अदालत में पेश किया जाएगा। कोर्ट में शाम चार बजे तक तीनों पर आरोप तय होने की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।
विज्ञापन
मुल्ला अफरोज पर संभल हिंसा में तीन लोगों की हत्या समेत कुल पांच मामलों में आरोप तय किए जाएंगे। वहीं, गुलाम और वारिस पर भी हिंसा से जुड़े मामलों में सुनवाई होनी है। इस हिंसा के पीछे का मास्टरमाइंड शारिक साटा अभी तक फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
गौरतलब है कि 19 मई को आरोप तय होने थे लेकिन मुल्ला अफरोज और गुलाम की पेशी नहीं होने के कारण प्रक्रिया टल गई थी। संभल हिंसा शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर बताकर कराए गए सर्वे के दौरान भड़की थी। इसमें पथराव, फायरिंग और आगजनी की घटनाएं हुई थीं।
विज्ञापन
हिंसा में पांच लोगों की मौत और दो दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी व अधिकारी घायल हुए थे। मारे गए युवकों बिलाल और अयान के परिजनों की तहरीर पर मुल्ला अफरोज और गुलाम के खिलाफ थाना नखासा में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
संभल हिंसा से जुड़े दो और मुकदमे भी नखासा थाने में दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मुल्ला अफरोज पर संभल हिंसा सहित कुल 11 गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल न्यायालय में आरोप तय करने की प्रक्रिया चल रही है और विवेचना अब भी जारी है।