रंगाई-पुताई कर मंदिर के साक्ष्य मिटाने चाहती है जामा मस्जिद कमेटी: जैन
संभल जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर बताकर अदालत में याचिका दाखिल करने वाले अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने भी टीम के समक्ष बयान दिए। जैन ने मीडिया को बताया कि उन्होंने जांच टीम से कहा कि 19 नवंबर को सर्वे पूरा नहीं हुआ था इसलिए 24 नवंबर को सर्वे करने फिर पहुंचे। हमने फायरिंग की आवाज सुनी, स्थिति नियंत्रण से बाहर थी।
पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर स्थिति को संभाला और हम सर्वे के बाद टीम के साथ पुलिस की निगरानी में कोतवाली तक पहुंचे। सर्वे टीम के कोतवाली जाते समय जय श्रीराम की नारेबाजी के सवाल पर जैन ने कहा कि ऐसा कोई साक्ष्य किसी के पास हो जिसमें मेरे द्वारा नारेबाजी की गई है तो वह दिखाया जाए।
आगे कहा कि जामा मस्जिद कमेटी रंगाई-पुताई की अनुमति इसलिए मांग रही है जिससे मंदिर के साक्ष्य मिटाए जा सकें। हाईकोर्ट ने एएसआई की टीम की सर्वे रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि संभल जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई की जरूरत नहीं है। इससे पूरे हिंदू समाज में खुशी है।