फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sambhal violence : डिप्टी कलक्टर बोले मुझे मारना चाहती थी भीड़, पुलिसकर्मियों को जिंदा जलाने का किया प्रयास

Wed, 27 Nov 2024 06:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

इस मामले में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। कुछ एफआईआर में पुलिस पर हिंसा, लूटपाट और जान से मारने की कोशिश की भी बात कही गई है।
विज्ञापन
संभल जामा मस्जिद बवाल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संभल में बवाल के बाद पुलिस हिंसा की परतें खोलने में जुटी है। इस मामले में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। कुछ एफआईआर में पुलिस पर हिंसा, लूटपाट और जान से मारने की कोशिश की भी बात कही गई है। एक एफआईआर में डिप्टी कलक्टर ने कहा है कि भीड़ उन्हे मारना चाहती थी। एक केस में  पुलिसकर्मियों को जिंदा जलाने के प्रयास का दावा पुलिस कर रही है। 

विज्ञापन


FIR : डिप्टी कलक्टर बोले, मुझे मारना चाहती थी भीड़
सर्वे के विरोध में शुरू हुए उपद्रव के दाैरान भीड़ मुझे मारना चाहती थी। मेरे ऊपर पथराव किया, जिसमें कई जगह चोट आई। यह बातें डिप्टी कलक्टर रमेश बाबू ने संभल कोतवाली में दर्ज कराई गई एफआईआर में कहीं। डिप्टी कलक्टर ने बताया कि रविवार सुबह करीब नौ बजे अचानक भीड़ मस्जिद की ओर बढ़ने लगी। वह अपने हमराही होमगार्ड के साथ ड्यूटी पर थे। भीड़ में शामिल लोगों से कहा कि मस्जिद में सर्वे चल रहा है। इसके बाद भीड़ उग्र हो गई और पथराव शुरू कर दिया। पथराव में उनके पैर और कोहनी में गंभीर चोट आई है। डिप्टी कलक्टर ने एफआईआर में कहा कि भीड़ उनकी जान लेना चाहती थी। उनकी तहरीर पर पुलिस ने 800 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।

FIR : पिस्टल की मैगजीन लूटी, पुलिसकर्मियों को जिंदा जलाने का प्रयास
बवाल के दौरान उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर पिस्टल की मैगजीन लूट ली थी। पुलिसकर्मियों को जिंदा जलाने की कोशिश भी की गई। कोतवाली प्रभारी अनुज कुमार ने संभल कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में यह आरोप लगाए हैं। एफआईआर में लिखा है कि 24 नवंबर को सर्वे के दाैरान जामा मसिजद के बाहर सैकड़ों लोग जुट गए। भीड़ मस्जिद में घुसकर सर्वे टीम को नुकसान पहुंचाना चाहती थी। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो भीड़ उग्र हो गई और दरोगा संदीप कुमार की पिस्टल की मैगजीन लूट ली, जिसमें दस कारतूस थे। इसके बाद अन्य पुलिसकर्मियों से भी कारतूस लूत लिए और हथियार लूटने का प्रयास किया। एफआईआर में कोतवाली प्रभारी में यह भी आरोप लगाए कि भीड़ धार्मिक नारे लगा रही थी और पुलिसकर्मियों को जलाने की बात कह रही थी। इसके बाद भीड़ ने कार और बाइकों में आग लगा दी। पुलिस ने उपद्रवियों का डटकर मुकाबला किया, जिससे जान बच सकी। कोतवाल की तहरीर के आधार पर 21 नामजद और 900 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है, जिसमें जानलेवा हमला, लूटपाट और सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
विज्ञापन


FIR : भीड़ को रोकने का प्रयास किया तो मारी दी गोली : सीओ
सीओ संभल अनुज चौधरी ने भी उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि सर्वे के दाैरान जब भीड़ मस्जिद में घुसने का प्रयास करने लगी तो रोकने का प्रयास किया। तभी एक उपद्रवी ने गोली चला दी, जो मेरे पैर में लगी। संभल कोतवाली में दर्ज कराए गए केस में सीओ ने कहा कि रविवार सुबह शांति के साथ मस्जिद के अंदर सर्वे चल रहा था। तभी सैकड़ों की संख्या में लोग आ गए। उन्होंने सर्वे कार्यवाही में बाधा डालने का प्रयास किया। भीड़ में मौजूद लोगों के हाथों में हथियार थे। जब मस्जिद में घुसने से रोका गया तो पत्थरबाजी और फायरिंग शुरू कर दी। सीओ की तहरीर पर सैकड़ों लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।

FIR : पुलिस टीम पर हॉकी से किया हमला, सीसीटीवी कैमरे भी तोड़े
नखासा थाने में दरोगा मो. शाह फैसल ने छह नामजद और करीब 200 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है, जिसमें उन्होंने पुलिस टीम पर हॉकी से हमला करने और सीसीटीवी कैमरे तोड़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि वह 24 नवंबर की सुबह दीपासराय में पुलिस टीम के साथ मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें पता चला कि जामा मस्जिद में चल रहे सर्वे को लेकर सैकड़ों लोग नखासा चौराहे पर हंगामा कर रहे हैं। पुलिस टीम के साथ जब वह मौके पर पहुंचे तो भीड़ ने लाठी-डंडे और हॉकी से हमला कर दिया। चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए। पुलिसकर्मियों के हथियार छीन लिए। तब पुलिसकर्मियों ने आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियां चलाकर खुद को बचाया। दरोगा की तहरीर पर आरोपी गुलबुद्दीन हिकमतयार, सुल्तान आरिफ, हसन, मुन्ना, फैजान, समद और 200 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। 

FIR ; हिंदूपुरा खेड़ा में भीड़ ने एसपी के पीआरओ पर किया हमला
जामा मस्जिद के पास रविवार सुबह शुरू हुई हिंसा की आग नखासा थाना क्षेत्र के हिंदूपुरा खेड़ा तक पहुंच गई थी। एसपी के पीआरओ संजीव कुमार और दो सिपाहियों पर भीड़ ने हमला कर दिया था। पीआरओ ने नखासा थाने में दर्ज कराए केस में इसका जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि रविवार को जामा मस्जिद में सर्वे चल रहा था। इसी दौरान हिंदूपुरा खेड़ा इलाके में भीड़ एकत्र होने की सूचना मिली थी। सूचना पर जब वह पहुंचे तो भीड़ ने पथराव कर दिया। इसमें वह और उनके साथी सिपाही विवेक कुमार और सुमित कुमार चोटिल हो गए। पुलिस ने संजीव की तहरीर पर 150 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। 

FIR : उपद्रवियों से बरामद हुए तमंचे, कई नामजद
जामा मस्जिद के पास उपद्रवियों ने पथराव के साथ ही पुलिस पर फायरिंग भी की थी। पुलिस ने जब आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियां चलाईं तब उपद्रवी भागने लगे। पुलिस ने मौके से कई आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से तमंचे बरामद किए। संभल कोतवाली में तैनात दरोगा संजीव कुमार द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया गया है। एफआईआर में कहा गया है कि पुलिस ने घेराबंदी करते हुए माैके से ही हसन, अजीम, सलीम, रिहान, हैदर, वसीम और अयान को गिरफ्तार कर लिया था। उनके कब्जे से तमंचे भी बरामद किए। इनके अलावा एफआईआर में 900 अज्ञात आरोपी बनाए गए हैं। अज्ञात की शिनाख्त के लिए पुलिस फुटेज खंगाल रही है। 
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें