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Sambhal Violence : हिंसा में शामिल 400 लोगों की पहचान... जुटाए जा रहे हैं सुबूत, न्यायिक आयोग की जांच तेज

Mon, 02 Dec 2024 05:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

मुरादाबाद के  मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि हिंसा के जिम्मेदारों के खिलाफ सुबूत जुटाए जा रहेे हैं। अब तक 400 लोगों की पहचान हो चुकी है।
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संभल में हिंसा के बाद हालात - फोटो : संवाद
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विस्तार
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शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान 24 नवंबर को हुई हिंसा की पड़ताल के लिए गठित न्यायिक आयोग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। तीन सदस्यीय आयोग के दो सदस्य रविवार को संभल पहुंचे और हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर अफसरों से जानकारी ली।

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आयोग की टीम जामा मस्जिद भी गई और मस्जिद कमेटी के सदस्यों से मुलाकात की। इस बीच, मंडल आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि हिंसा के जिम्मेदारों के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहेे हैं। अब तक 400 लोगों की पहचान हो चुकी है।

आयोग के अध्यक्ष हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश देवेंद्र कुमार अरोड़ा व सदस्य पूर्व पुलिस महानिदेशक एके जैन रविवार सुबह करीब दस बजे संभल पहुंचे। एक अन्य सदस्य सेवानिवृत्त अपर मुख्य सचिव अमित मोहन टीम के साथ नहीं पहुंच पाए। टीम ने मस्जिद के आसपास पुलिस और भीड़ के बीच हुई झड़प वाले क्षेत्र का मुआयना किया।
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टीम के साथ मौजूद पुलिस अधीक्षक केके विश्नोई ने उन्हें पूरे बवाल की बिंदुवार जानकारी दी। इसके बाद टीम ने नखासा तिराहा व हिंदूपुरा खेड़ा इलाकों का दौरा किया। अधिकारियों ने टीम को भीड़ के एकत्र होने और बवाल के बाद लौटने वाले रास्ते दिखाए।

उपद्रवियों की तलाश में पुलिस की पांच टीमें
न्यायिक जाचं आयोग की टीम के दौरे पर उनके साथ मंडल आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह, रेंज के पुलिस महानिरीक्षक मुनिराज जी, संभल के जिलाधिकारी राजेंद्र पेन्सिया भी मौजूद रहे। उधर, एसपी केके विश्नोई ने बताया कि उपद्रवियों की तलाश में पुलिस की पांच टीमें लगाई गई हैं। उत्पात मचाने वालों की वीडियो और फोटो से पहचान की जा रही है।

जांच टीम ने कुछ नहीं पूछा : मस्जिद कमेटी

जामा मस्जिद के इमाम आफताब हुसैन वारसी ने कहा, टीम करीब 15 मिनट तक मस्जिद में रही। मस्जिद कमेटी के सचिव मसूद फारूकी ने कहा, टीम ने हमसे कुछ नहीं पूछा। वे अभी सिर्फ घटनास्थल और मस्जिद का मुआयना करने आए हैं। बयान बाद में दर्ज करेंगे।

दो महीने में जांच पूरी करेंगे

आयोग के अध्यक्ष देवेंद्र अरोड़ा ने संभल से रवाना होते वक्त कहा कि घटना की तह तक पहुंचा जाएगा। अभी आयोग की टीम ने घटना की प्राथमिक जानकारी हासिल की है और घटनास्थल का मुआयना किया है, ताकि स्थिति को समझा जा सके। अफसरों व आम लोगों के बयान दर्ज किए जाने के साथ सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। इसमें लगभग दो महीने लग सकते हैं।

बदायूं में जामा मस्जिद या नीलकंठ मंदिर पर अपने-अपने दावे

जामा मस्जिद-नीलकंठ महादेव मंदिर मामले में ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के बयान के बाद मामला गरमा गया है। सोशल मीडिया पर लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। मस्जिद व मंदिर को लेकर दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं।

कौन सही, कौन गलत है यह तो अदालत साक्ष्य व सबूतों के आधार पर तय करेगी। 8 अगस्त 2022 को विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष मुकेश पटेल वाद दायर कर कहा कि जहां पर जामा मस्जिद है, वहां पूर्व में नीलकंठ महादेव का मंदिर था। इसके बाद से कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई।

वहीं,  ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि देश में सर्वे के नाम पर सांप्रदायिक तनाव फैलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री को इसे रोकना चाहिए।

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