डेंगू होने के बाद अपने आवास पर आराम करते तहसीलदार ।
संभल में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के चलते अधिकारी भी चपेट में आने लगे हैं। तहसीलदार को जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। तहसीलदार को पिछले तीन दिन से बुखार आ रहा है। इस बीच निजी डाक्टर ने जांच कराई तो डेंगू होने की बात सामने आई है। तहसीलदार ने पांच दिन की छुट्टी ले ली है। तहसीलदार को डेंगू होने के बाद अधीनस्थ अफसर व कर्मचारियों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शिमला बाईपास रोड निवासी करम सिंह चौहान संभल में तहसीलदार हैं।
तहसीलदार को रविवार को बुखार ने चपेट में लिया था। तहसीलदार शहर के निजी अस्पताल पहुंचे और डाक्टर को दिखाया। डाक्टर ने जांच कराई तो बुखार होने की दवा दे दी। तहसीलदार ने दवाओं का सेवन शुरु कर दिया मगर तबीयत में सुधार नहीं हो सका। तहसीलदार सोमवार को फिर से डाक्टर के पास पहुंचे तो प्लेटलेट्स की जांच कराई गई। जांच में प्लेटलेट्स 98 हजार होने की बात सामने आई। तहसीलदार का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था। ऐसे में दूसरी जांच कराई गई।
जांच में तहसीलदार को डेंगू होने की पुष्टि हो गई। तहसीलदार ने अफसरों को सूचित कर दिया। साथ ही, पांच दिन की छुट्टी ले ली। डाक्टर ने तहसीलदार को आराम करने की सलाह दी है। तहसीलदार ने बताया कि फिर से चेकअप कराएंगे। अगर तबियत ठीक नहीं हुई तो मुरादाबाद में किसी अच्छे अस्पताल में भर्ती होंगे या फिर देहरादून जाकर ही इलाज कराएंगे। वहीं तहसीलदार को डेंगू की पुष्टि के बाद दहशत का माहौल है। तहसील पर तैनात दूसरे अफसर और कर्मचारी किसी तरह मच्छरों के प्रकोप से बचने का मन बना चुके हैं।