उत्तर प्रदेश के संभल जिले के कुढ़फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गांव खनुपुरा में सोमवार देर रात हथियारबंद बदमाशों द्वारा किसान और उसकी बेटी को घर से अगवा कर लेने का मामला झूठा निकला है। पुलिस ने किसान को रिश्तेदार के घर से पकड़ लिया है। हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बेटी के घर से गायब हो जाने के बाद बेटी और खुद के अपहरण की झूठी कहानी तैयार करने की बात स्वीकार कर ली। बुधवार शाम होने तक पुलिस किसान की गायब बेटी तक भी पहुंच गई। पुलिस ने पिता-पुत्री के साथ अन्य परिजनों को भी हिरासत में ले लिया है।
मंगलवार सुबह गांव खनुपुरा से किसान राजबहादुर और उसकी बेटी को घर से अगवा करने की बात इलाके में फैलते ही सनसनी मच गई थी। कुढ़फतेहगढ़ थाने की पुलिस के साथ आला अधिकारियों ने भी गांव का रुख किया था। परिवार की ओर से बताए गए घटनाक्रम से कई सवाल उठ रहे थे। परिवार या पुलिस के पास इन सवालों के सीधे जवाब नहीं थे। इससे गहराए संदेह के आधार पर एसपी ने चार टीमें सक्रिय की थीं।
एक टीम ने किसान राजबहादुर को रिश्तेदार के घर से पकड़ लिया। पुलिस की पकड़ में आते ही राजबहादुर ने अपहरण की झूठी कहानी तैयार करने की बात स्वीकार की। पुलिस को बताया कि सोमवार की शाम बेटी नीलम किसी युवक के साथ घर से गायब हो गई थी। बदनामी के डर से उसने बेटी और खुद के अपहरण के प्रचार की साजिश रची और एक रिश्तेदार के घर जा छिपा। इसके बाद घर के बाकी सदस्यों ने ग्रामीणों और पुलिस को दोनों के अपहरण की जानकारी दी।
पुलिस किसान और उसकी बेटी को हिरासत में रखकर और पूछताछ कर रही है। अपहरण की साजिश रचने में किसान की पत्नी, एक अन्य बेटी और दो बेटों को भी हिरासत में लिया गया है। किसान के बेटे सुनील ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ पिता और बहन को अगवा करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
गांव खनुपुरा से पिता-पुत्री के अपहरण की घटना झूठी है। राजबहादुर और उनकी बेटी को पुलिस ने अलग-अलग जगह से पकड़ लिया है। बेटी के घर से गायब हो जाने पर परिवार के लोगों ने अपहरण के झूठे प्रचार की साजिश रची थी।
-यमुना प्रसाद, एसपी संभल