चार किलोमीटर के दायरे में संपत्ति होने के वक्फनामे से खुला मामला
प्रशासन को जो जमीन का वक्फनामा दिया गया है, उसमें 20 संपत्तियां दर्ज हैं। जामा मस्जिद के नजदीक जमीन की चौहद्दी (चारों ओर की सीमा) चार किलोमीटर के दायरे में है। एक सीमा बिछौली, दूसरी सीमा तुर्तीपुर इल्हा में लगती है। इससे स्पष्ट हो गया कि जो दस्तावेज दिए वह वैध नहीं थे और उनको फर्जी तरीके से तैयार किया गया था।
1100 गज जमीन की चौहद्दी चार किलोमीटर के दायरे में कैसे फैल सकती है। इसी सवाल के उठने के बाद डीएम द्वारा तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। जिसमें हकीकत भी सामने आ गई। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि जो वक्फ संपत्ति के दस्तावेज दिए गए हैं। वह 23 अगस्त 1929 के हैं।
उसमें 20 संपत्तियों की जानकारी है। जिस जमीन में पुलिस चौकी जामा मस्जिद के नजदीक बन रही है। उसकी चौहद्दी चार किलोमीटर लंबे दायरे में दर्ज हैं। दस्तावेज के हिसाब से पूरा शहर और आसपास के गांव शामिल हो रहे हैं। इससे फर्जी दस्तावेज होने का प्रमाण मिला है।
पुलिस चौकी जहां बन रही है उसके स्वामित्व का उल्लेख नहीं है। वर्तमान में इस जमीन पर कोई मकान भी नहीं बना है। भौतिक सत्यापन के दौरान यह जानकारी सामने आई है। इसके आधार पर ही कार्रवाई की जा रही है।
वक्फ अल औलाद और अलल खैर क्या है
वक्फ अल औलाद : यह ऐसी संपत्ति होती है जिसे कोई व्यक्ति मुस्लिम समुदाय को दान में देता है। इसका मकसद किसी व्यक्ति या परिवार के कल्याण के लिए होता है।
वक्फ अलल खैर : यह ऐसी संपत्ति होती है, जिसका मालिक कोई नहीं होता। इसका मकसद आम जनता के कल्याण के लिए होता है। इस संपत्ति की देखभाल की जिम्मेदारी वक्फ बोर्ड की होती है। वक्फ बोर्ड इस संपत्ति के लिए एक प्रबंधक यानी मुतवल्ली नियुक्त करता है।