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धनारी सड़क हादसा : कैप्सूल खाली कराने को साढ़े पांच घंटे बंद रहा हाईवे

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धनारी। संभल जिले के मुरादाबाद-आगरा हाईवे पर धनारी थाना क्षेत्र में हुए हादसे में खतरनाक एसीएन केमिकल से भरा कैप्सूल क्षतिग्रस्त हो गया था। फैक्टरी तकनीकी टीम और ट्रांसपोर्ट की टीम ने कैप्सूल में भरे केमिकल को पांच घंटे में सुरक्षित खाली कर दिया। इस दौरान साढ़े पांच घंटे हाईवे बंद कर रहा। वाहनों को बहजोई से रजपुरा होते हुए बबराला की ओर गुजारा गया। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस तैनात रही। किसी को भी आसपास नहीं जाने दिया गया।
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संभल जिले के धनारी थाने से दो किलोमीटर दूर हुए हादसे में केमिकल से भरे गैस कैप्सूल और रोडवेज बस की भिड़ंत हो गई थी। जिला मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा स्थित पशुपति कपड़ा फैक्टरी के सहायक प्रबंधक फायर सेप्टी विनोद कुमार ने बताया कि कैप्सूल में 29 टन एसीएन केमिकल भरा हुआ था। यह केमिकल गुजरात के कांडला बंदरगाह से आ रहा था। क्षतिग्रस्त कैप्सूल को खाली करने के लिए विनोद कुमार अपनी टीम के साथ गुरुवार की सुबह ही मौके पर पहुंच गए।
ट्रांसपोर्ट की टीम दूसरा खाली कैप्सूल लेकर पहुंची और कार्य में जुट गई। इसके लिए सुबह 11.30 बजे से हाईवे पर बहजोई से रूट डायवर्ट कर दिया गया। दोनों टीमों ने संयुक्त रूप से शाम साढ़े चार बजे तक क्षतिग्रस्त कैप्सूल को खाली कर केमिकल दूसरे कैप्सूल में भरवा दिया। शाम पांच बजे तक हाईवे बंद रहा। साढ़े पांच घंटे हाईवे पर वाहनों को नहीं जाने दिया गया। हाईवे बंद के दौरान वाहनों को बहजोई में बाईपास रोड से होते हुए रजपुरा, नूरपुर तिराहा, बबराला भेजा गया। बबराला से वाहन अपने निर्धारित मार्ग बुलंदशहर अथवा अलीगढ़ की ओर निकल गए। सीओ गुन्नौर केके सरोज, फैक्टरी के सहायक प्रबंधक फायर सेप्टी विनोद कुमार, उनके साथ एके शुक्ला, अन्य लोग रहे।
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वाहनों को एक किलोमीटर पहले ही रोक दिया
धनारी। कैप्सूल में ज्वलनशील केमिकल था। बचाव के लिए आसपास के वाहनों को घटनास्थल से एक किलोमीटर पहले ही मानकपुर तिराहे पर रोक दिया गया। वाहनों को वहां से पाठकपुर की ओर मोड़ दिया गया।
केमिकल खाली करने को नाइट्रोजन का प्रेशर किया इस्तेमाल
चंदौसी। फैक्टरी के सहायक प्रबंधक फायर सेफ्टी विनोद कुमार ने बताया कि कैप्सूल में भरे केमिकल एसीएन को खाली करने के लिए सुरक्षा के पूरे प्रबंध किए गए। क्षतिग्रस्त कैप्सूल के वॉल्ब को खाली कैप्सूल से एक पाइपलाइन से जोड़ा गया। यह पाइप लाइन फिलेक्सेबल होती है तथा इसके ऊपर मोटी तार लिपटी हुई होती है। ताकि प्रेशर के समय पाइप फटने न पाए। इसका तापमान ऋणात्मक होता है। इसे प्रेशर से ही भरा जा सकता है। सुरक्षा और एहतियात के तौर पर प्रेशर बनाने के लिए नाइट्रोजन सिलेंडर का इस्तेमाल किया गया।
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