चंदौसी(संभल)। संभल हिंसा के दो हत्या के मुकदमे में शारिक साटा गिरोह के सक्रिय सदस्य मुल्ला अफरोज के साथी गुलाम नबी की दो जमानत अर्जियों पर मंगलवार को जनपद न्यायाधीश दुर्ग नरायन सिंह के न्यायालय में सुनवाई हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दोनों अर्जियां खारिज कर दीं।
बता दें कि संभल की जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर होने के दावे को लेकर 24 नवंबर 2024 को मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा हो गई थी। जिसमें चार लोगों की जान चली गई। जबकि दो दर्जन से अधिक अधिकारी व पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। संभल हिंसा में तीन हत्या और एक अन्य हत्या समेत पांच मुकदमे शारिक साटा गैंग के सक्रिय सदस्य मुल्ला अफरोज और उसके साथी गुलाम नबी व वारिस के खिलाफ दर्ज हैं। जिनमें शारिक साटा मुख्य आरोपी है जो फरार चल रहा है।
इन मुकदमों की सुनवाई जनपद न्यायाधीश के न्यायालय में चल रही है। मुल्ला अफरोज की तीन जमानत अर्जी पहले ही खारिज हो चुकी हैं। मंगलवार को उसके साथी गुलाम नबी की संभल हिंसा में मारे गए नईम और अयान की हत्या के मुकदमे में लगाई गई जमानत अर्जियों पर सुनवाई हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने बताया कि न्यायालय ने गुलाम नबी की दोनों जमानत अर्जियां खारिज कर दी हैं।