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पुलिस छापे से हड़कंप: मुर्गां की लड़ाई... 55 ने हवालात की हवा खाई, पांच जिलों के लोगों पर इसलिए हुई कार्रवाई

Sun, 10 Nov 2024 02:51 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

संभल पुलिस ने पांच जिलों के 55 लोगों को परतापुर गांव में मुर्गों की लड़ाई कराते हुए हिरासत में लिया है। आरोपियों के पास से 35 मुर्गे और 15 हजार रुपये बरामद हुए हैं। सभी के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। 
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पुलिस हिरासत में आरोपी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मनोरंजन और जुए के लिए मुर्गाें की लड़ाई करा रहे पांच जिलों के 55 लोगों को बहजोई कोतवाली पुलिस ने हिरासत में लिया है। आरोपी गांव परतापुर में साप्ताहिक बाजार में शनिवार शाम मुर्गों की लड़ाई करा रहे थे। पुलिस ने मौके से 35  मुर्गों की बरामदगी की है। इन सभी को लड़ाई के लिए लाया गया था।

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एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि गांव परतापुर में साप्ताहिक बाजार के नजदीक एक स्थान पर मुर्गों की लड़ाई की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मुर्गों को लड़ता हुआ देखा। पुलिस ने बताया कि मौके पर मौजूद 55 लोग हिरासत में लिए गए हैं। सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में संभल, रामपुर, अमरोहा, मुरादाबाद और बदायूं के लोग शामिल हैं। मुर्गों की लड़ाई कराने की सूचना लंबे समय से मिल रही थी। इसी क्रम में पुलिस ने कार्रवाई की है। आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम में कार्रवाई की जाएगी। 15 हजार रुपये भी पुलिस ने आरोपियों से बरामद किए हैं। पूछताछ में स्वीकार भी किया है कि वह मुर्गों की लड़ाई जुए के लिए कराते हैं।

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लड़ाई में घाव होने से मर जाते हैं कई मुर्गे  

असील नस्ल के मुर्गे लड़ाई के लिए जाने जाते हैं। इसलिए लोगों ने उन्हें लड़ाकर जुआ खेलना शुरू कर दिया है। इन मुर्गों को लड़ाई के लिए तैयार करने से पहले काफी मेवा व अन्य सामग्री खिलाई जाती है। स्टेरॉयड और एड्रेनालाईन बढ़ाने वाली दवाओं का इंजेक्शन लगाया जाता है।

आक्रामकता को बढ़ाने के लिए उन्हें बंद भी रखा जाता है। लड़ाई के दौरान जो मुर्गे जख्मी होते हैं वह अक्सर मर भी जाते हैं। आंखें तो ज्यादातर की खराब हो जाती हैं। बहजोई पुलिस ने जिन मुर्गों को बरामद किया है उनमें भी कई की आंखें जख्मी हैं।

साप्ताहिक बाजार में होता है मुर्गाें की लड़ाई पर जुआ

जिले में ज्यादातर साप्ताहिक बाजार में मुर्गों की लड़ाई पर जुआ खेला जाता है। दूर दराज से लोग अपना अपना मुर्गा लेकर पहुंचते हैं। कई लोग अपने मुर्गों का नाम एक्टर के नाम पर भी रखते हैं। गांव परतापुर और नरौली में शनिवार को साप्ताहिक बाजार लगता है। इन दोनों बाजार में नियमित मुर्गों की लड़ाई कराकर जुआ खेला जाता है।

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 मुर्गों की लड़ाई कराकर जुआ खेलने की सूचना काफी दिन से मिल रही थी। इसी क्रम में पुलिस ने कार्रवाई की है। 55 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। -कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी  
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