नेजा कमेटी से वार्ता करते एएसपी श्रीश्चंद
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हत्यारे और लुटेरे की याद में न नेजा मेला लगेगा न ढाल लगेगी। अज्ञानता में यह मेला लगाया जाता रहा है तो अज्ञानी हो और यदि जानबूझकर यह मेला लगाया गया है तो देशद्रोही हो। यह बात संभल कोतवाली में एएसपी श्रीश्चंद्र ने धार्मिक नगर नेजा कमेटी के साथ वार्ता करते हुए कही है।
नेजा मेला 25, 26 और 27 मार्च को अलग-अलग स्थानों पर लगना था। मंगलवार को ढाल लगाई जानी थी। नगर के चमन सराय में धार्मिक नगर नेजा कमेटी की ओर से सय्यद सालार मसूद गाजी की याद में नेजा मेला लगाया जाता है। नेजा मेला से एक सप्ताह पहले नेजा मेला की ढाल और झंडा घंटाघर पर लगाया जाता है।
नेजा मेला कमेटी ने सोमवार को इसकी घोषणा की तो एएसपी ने कमेटी को संभल कोतवाली बुला लिया। इसके बाद एएसपी ने कहा कि महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर लूटा था। उसका सेनापति सय्यद सालार मसूद गाजी था।
एएसपी ने आगे कहा कि ऐतिहासिक तथ्य यह भी मिलते हैं कि सय्यद सालार मसूद गाजी ने लूटपाट की और हत्याएं की। इस पर दूसरे समुदाय के लोगों ने आपत्ति भी की है। इसलिए इस तरह के लुटेरे और हत्यारे की याद में नेजा मेला नहीं लगने दिया जाएगा और न ढाल लगाई जाएगी।
यदि किसी ने ऐसा करने का प्रयास किया तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा। एएसपी ने नेजा कमेटी से कहा कि यदि परंपरा निभानी है तो उसके लिए मजिस्ट्रेट से अनुमति लेनी होगी। अनुमति मिलने से पहले कोई तैयारी नहीं की जाएगी।
हत्यारे और लुटेरे की याद में नेजा मेला लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कानून व्यवस्था बिगड़ने का डर है। दूसरे समुदाय के लोगों ने इस आयोजन पर आपत्ति की है। इसके चलते अनुमति नहीं दिए जाने की जानकारी नेजा मेला कमेटी को दे दी गई है।
- श्रीश्चंद्र, एएसपी, संभल।