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संभल: एएसआई संरक्षित स्मारक के जारी कर दिए अवैध पट्टे, लोग कर रहे खेती, टीम माैके पर पहुंची तो देख रह गई अवाक

Fri, 24 Jan 2025 04:07 PM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, संभल

सार

उत्तराखंड के संभल तहसील के गांव अल्लीपुर में एएसआई संरक्षित स्मारक अमरपति खेड़ा पर अवैध कब्जे हो गए हैं। खोदाई में प्राचीन सिक्के, हड्डियां और कंकाल मिलने के बावजूद एएसआई ने इसे संरक्षित नहीं किया। अब एसडीएम वंदना मिश्रा ने मौके की जांच और पैमाइश कराने की बात कही है।
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संभल में सिक्कों को देखती एसडीएम वंदना मिश्रा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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संभल तहसील के गांव अल्लीपुर में स्थित अमरपति खेड़ा एएसआई के रिकॉर्ड में तो दर्ज है लेकिन मौके पर अवैध पट्टे हो चुके हैं और लोग उसमें खेती कर रहे हैं। एएसआई भी संरक्षित कर भूल गया और अब मौके पर अमरपति खेड़ा के निशान तक मिट गए हैं। कुछ समय पहले हुई खोदाई के दौरान प्राचीन सिक्के मिले थे और कुछ हड्डी मिली थीं।

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ग्रामीणों का दावा है कि वर्ष 2009 में एक 10 फीट ऊंचाई का कंकाल मिला था। जो बाद में लोगों ने नष्ट कर दिया था। एएसआई की टीम बुधवार को इस स्मारक पर पहुंची थी। जब मौके पर अवैध कब्जे देखे तो प्रशासन को सूचना दी। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को एसडीएम वंदना मिश्रा मौके पर पहुंची और मौके की पैमाइश कराने की बात कही है।

एसडीएम ने बताया है कि अमरपति खेड़ा 1920 से एएसआई संरक्षित है। ग्रामीणों ने बताया है कि 21 समाधियां इस स्थान पर होती थी। गुरु अमर की समाधि भी इसी स्थान पर थी जो राजा पृथ्वीराज चौहान के समकक्ष माने जाते थे। ग्रामीणों ने 1834 या उसके बाद के सिक्के भी दिखाए हैं जो समय-समय पर हुई खोदाई के दौरान मिले हैं।
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एएसआई टीम को जो भी सहयोग चाहिए वह दिया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर गांव अल्लीपुर के निवासी मनोज राणा ने बताया कि एएसआई संरक्षित स्मारक रिकॉर्ड में तो दर्ज है लेकिन मौके पर कुछ नहीं है। समय-समय पर हुई खोदाई के दौरान तमाम प्राचीन वस्तुएं निकलकर बाहर आई हैं। इसके बाद भी एएसआई की टीम ने सुध नहीं ली।

एएसआई संरक्षित स्मारकों की अच्छी देखभाल के लिए पत्राचार किया जा चुका है। अमरपति खेड़ा भी एएसआई संरक्षित होने की जानकारी मिली है। अमरपति खेड़ा की मौके पर क्या स्थिति है। इसकी जानकारी कराई जाएगी। एएसआई को प्रशासन का जो सहयोग चाहिए होगा वह दिया जाएगा। - डॉ. राजेंद्र पैंसिया, डीएम, संभल

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